
Wrestlers Protest: पहलवानों का एलान, समर्थन के लिए विदेशी ओलंपियन से भी करेंगे संपर्क
AajTak
भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ कथित यौन शोषण के आरोपों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर खिलाड़ियों का प्रदर्शन जारी है. सोमवार को विनेश फोगाट ने कहा कि हम लोगों से मिलकर बताएंगे कि हम किन हालातों से गुजर रहे हैं. हम लोगों से समर्थन मांगेंगे. उन्होंने कहा कि हम 21 तारीख के बाद बड़ा फैसला लेंगे.
भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ कथित यौन शोषण के आरोपों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर खिलाड़ियों का प्रदर्शन जारी है. पहलवानों ने 9053903100 नंबर पर मिस्ड कॉल और सहयोग देने की अपील की है. साक्षी मलिक ने कहा है कि हम अपने समर्थन के लिए विदेशी ओलंपियन से भी संपर्क करेंगे.
विनेश फोगाट ने कहा कि हम लोगों से मिलकर बताएंगे कि हम किन हालातों से गुजर रहे हैं. हम लोगों से समर्थन मांगेंगे. उन्होंने कहा कि हम 21 तारीख के बाद बड़ा फैसला लेंगे.
चंद्रशेखर ने कहा कि हमें जब तक न्याय नहीं मिलेगा हम लड़ते रहेंगे. उन्होंने कहा कि कोई अनजान व्यक्ति आ रहा है और हमारा पीछा कर रहा है. कुछ महिलाएं आ रही हैं जिन्हें हम नहीं जानते हैं.
अलग-अलग नेता कर रहे मुलाकात उल्लेखनीय है कि जंतर-मंतर पर बीते 23 दिनों से धरने पर बैठे पहलवानों से अलग-अलग दलों के नेता मुलाकात कर उन्हें समर्थन दे रहे हैं. प्रियंका गांधी, दीपेंद्र हुड्डा, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, अरविंद केजरीवाल समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं ने जंतर-मंतर जाकर पहलवानों को समर्थन दिया. इसके साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह भी सोमवार को पहलवानों से मिलने पहुंचे.
इससे पहले पहलवानों ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत बीजेपी की महिला सांसदों को पत्र लिखकर उनका समर्थन मांगा है, ताकि बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कार्रवाई हो सके. इस पत्र में 16 मई को देशभर के जिला मुख्यालयों पर एक दिन के सत्याग्रह की मांग भी की गई है.
बीजेपी की कोई महिला सांसद नहीं आई विनेश बीते रविवार को जंतर मंतर पर मीडिया से बात करते हुए विनेश फौगाट ने कहा कि यहां धरने पर बैठे हुए आज हमें 22 दिन हो गए हैं, लेकिन अब तक बीजेपी से कोई हमारे पास नहीं आया. कोई महिला सांसद नहीं आई. जो लोग बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देते हैं, वो लोग हमारे इस दुख में शामिल नहीं हुए हैं.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.

नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. हादसे के जिम्मेदार बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों पर भी गाज गिरी है. प्रशासन ने अब भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं.







