
बिहार राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस का 'डबल गेम'... RJD को हराया भी, जिम्मेदारी भी नहीं ली
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बिहार राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस विधायकों की अनुपस्थिति ने RJD उम्मीदवार की हार में अहम भूमिका निभाई. इससे महागठबंधन के भीतर नाराजगी और दरार खुलकर सामने आई है. वहीं, कांग्रेस अपने विधायकों के खिलाफ कोई भी अनुशासनात्मक कार्रवाई लेते हुए नहीं दिख रहा है.
बिहार में राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने महागठबंधन के भीतर की खटास को सबके सामने ला दिया है. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह की हार की बड़ी वजह बने कांग्रेस के तीन विधायकों की गैरहाजिरी.
कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास, मनोहर प्रसाद सिंह और सुरेंद्र कुशवाहा वोटिंग के दिन गायब रहे. ये तीनों अब खुलकर RJD पर नाराजगी जता रहे हैं.
नाराजगी की वजह क्या थी?
तीनों विधायकों का कहना है कि तेजस्वी यादव ने RJD का उम्मीदवार तय करते वक्त कांग्रेस से कोई सलाह नहीं ली. न तो बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम से बात की, न ही प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरु से. तेजस्वी सीधे अलग-अलग विधायकों से बात कर रहे थे, जिसे कांग्रेस नेतृत्व ने पार्टी की अनदेखी माना.
विधायक मनोज विश्वास ने कहा, "जब गठबंधन साझेदारों को विश्वास में नहीं लिया जाता तो ऐसा ही होता है. उम्मीदवार का कोई साफ़ राजनीतिक आधार भी नहीं था."
सुरेंद्र कुशवाहा ने कहा, "NDA का समर्थन नहीं कर सकता, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर गलत फैसले पर आंख मूंद लूं."

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