
ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले से तेल-गैस की कीमतों में लगी 'आग', भारत पर कितना होगा असर?
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इजरायल और अमेरिका ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया है. जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के पांच तेल और गैस ठिकानों पर हमलों की धमकी दी है. इस घटनाक्रम के बाद वैश्विक तेल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं.
बुधवार को इजरायल ने अमेरिका के साथ मिलकर दुनिया के सबसे बड़े गैस फील्ड ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर जोरदार हमला किया. इस हमले से ईरान बौखला गया है और उसने धमकी दी है कि वो खाड़ी क्षेत्र के तेल और गैस फील्ड्स पर बड़े हमले करेगा. ईरान ने धमकी देते हुए कहा कि वो आने वाले कुछ घंटों में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर के पांच ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाएगा. हमले और फिर ईरान की धमकी के बाद तेल और गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं.
ईरान की न्यूज एजेंसी तस्नीम ने इस खबर की पुष्टि की जिसके बाद तेल की कीमतें उछलकर लगभग 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं. वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड ऑयल 14:30 GMT के बाद 109.91 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जो मंगलवार की कीमतों से 5% से अधिक है.
ईरानी न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया कि साउथ पार्स गैस फील्ड पर ईरान के पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाया गया. यूके का बेंचमार्क गैस प्राइस भी 6% बढ़कर 143.53 पेंस प्रति थर्म तक पहुंच गया, हालांकि बाद में यह 140 पेंस से नीचे आ गया.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला ईरान के ऊर्जा क्षेत्र के अहम केंद्र असालुयेह में प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया गया. शुरुआती खबरों में कई विस्फोटों की बात सामने आई है, हालांकि, हमले से कितना नुकसान हुआ है, यह अभी साफ नहीं है.
माना जा रहा है कि ईरान सऊदी अरब की SAMREF रिफाइनरी और जुबैल पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स, यूएई का अल होसन गैस फील्ड, और कतर की रास लाफान रिफाइनरी तथा मेसईद पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हमले कर सकता है.
साउथ पार्स गैस फील्ड दुनिया का सबसे बड़ा गैस फील्ड है जो ईरान के दक्षिणी बुशेहर प्रांत के तट के पास स्थित है. इस गैस फील्ड में कतर की भी साझेदारी है. गैस फील्ड पर हमले को लेकर कतर ने भी इजरायल और अमेरिका के प्रति नाराजगी जाहिर की है.

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