
Delhi AQI: दिल्ली-NCR में AQI 200 के पार, फिर भी क्यों लागू नहीं हुआ GRAP-1? CAQM ने बताई वजह
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दिल्ली-एनसीआर की हवा भले ही ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गई हो, लेकिन राहत की बात यह है कि हालात तेजी से बिगड़ने के बजाय सुधरने के संकेत दे रहे हैं. वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने फिलहाल GRAP-1 लागू न करने का फैसला इसी ट्रेंड को देखते हुए लिया है.
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 200 के पार पहुंचने के बावजूद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने फिलहाल GRAP-1 प्रतिबंध लागू नहीं करने का फैसला किया है. अधिकारियों के मुताबिक, हालात में सुधार के संकेत मिलने के चलते यह निर्णय लिया गया.
गौरतलब है कि सोमवार को बेहतर हुई हवा की गुणवत्ता के बाद ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत लागू सभी पाबंदियां हटा दी गई थीं. हालांकि फिर एक्यूआई बढ़ने के बाद भी पाबंदियां दोबारा नहीं लगाई गईं. बता दें कि GRAP के चार चरण होते हैं, जो AQI के स्तर के अनुसार लागू किए जाते हैं.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, बुधवार शाम 4 बजे दिल्ली का औसत AQI 232 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है. हालांकि शाम 6 बजे तक इसमें गिरावट दर्ज की गई और AQI घटकर 218 हो गया, जिससे सुधार का संकेत मिला.
इसी स्थिति की समीक्षा के लिए CAQM की GRAP उप-समिति ने बैठक बुलाई, जिसमें भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमानों पर भी विचार किया गया.
विशेषज्ञों ने बताया कि आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे प्रदूषण स्तर में और गिरावट आ सकती है. मौसम संबंधी ये अनुकूल परिस्थितियां AQI को ‘मध्यम’ श्रेणी में बनाए रख सकती हैं.
CAQM ने स्पष्ट किया कि फिलहाल AQI में गिरावट का रुख है और आगे भी सुधार की उम्मीद है, इसलिए GRAP-1 लागू करना जरूरी नहीं समझा गया. हालांकि आयोग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी.

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