
Winter Holiday: सर्दी का सितम! दिल्ली के सरकारी स्कूल 1 जनवरी से होंगे बंद, सरकार ने किया ऐलान
AajTak
दिल्ली के सभी सरकारी स्कूल 1 जनवरी से 15 जनवरी 2023 तक विंटर वेकेशन के तहत बंद रहेंगे. वहीं 9 से 12वीं कक्षा के लिए 2 जनवरी से 14 जनवरी तक रेमेडियल क्लास लगेंगी. इस संबंध में शिक्षा निदेशालय ने सर्कुलर जारी कर दिया है.
उत्तर भारत में इन दिनों कड़ाके की सर्दी पड़ रही है. ऐसे दिल्ली सरकार ने शीतकालीन अवकाश की घोषणा कर दी है. लिहाजा शिक्षा निदेशालय की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गाय है. इसमें कहा गया है कि दिल्ली के सभी सरकारी स्कूल 1 जनवरी से 15 जनवरी 2023 तक विंटर वेकेशन के तहत बंद रहेंगे. वहीं 9 से 12वीं कक्षा के लिए 2 जनवरी से 14 जनवरी तक रेमेडियल क्लास लगेंगी.
दिल्ली शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी एक सर्कुलर में कहा गया है कि कक्षा 9 से 12 तक के स्टूडेंट्स की पढ़ाई पर विपरीत प्रभाव न पड़े, इसलिए रेमेडियल क्लास के संचालन का फैसला लिया गया है. इन कक्षाओं का मकसद सिलेबस का रिवीजन और स्टूडेंट्स की लर्निंग स्किल को बढ़ाना है. रेमेडियल क्लास के दौरान स्टूडेंट्स को सब्जेक्ट के बेसिक कॉन्सेप्ट को समझाया जाएगा.
सर्कुलर के मुताबिक सभी सरकारी स्कूलों में 1 जनवरी 2023 से 15 जनवरी 2023 तक शीतकालीन अवकाश रहेगा. जबकि डबल शिफ्ट वाले स्कूलों में अलग-अलग शिफ्ट में क्लास लगेंगी.
सर्कुलर में कहा गया है कि अगर स्कूल में जगह की कमी है, तो इवनिंग शिफ्ट के स्कूल संचालक संबंधित शिक्षा उप निदेशक (DDE) से परामर्श कर सकते हैं और शाम के समय का विकल्प चुन सकते हैं.
इससे पहले गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) जिला प्रशासन ने कक्षा एक से लेकर 12वीं तक के सभी स्कूल 9 बजे से शुरू करने का फैसला लिया था. बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए जिला अधिकारी ने यह आदेश दिया था.
दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में घने कोहरे ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है. मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और चंड़ीगढ़ में बहुत घना कोहरा देखने को मिलेगा. इसके साथ ही, उत्तर भारत में शीतलहर और कोहरे के बीच तापमान में कमी से कुछ इलाकों में सर्दी बढ़ने का अनुमान है.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.

नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. हादसे के जिम्मेदार बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों पर भी गाज गिरी है. प्रशासन ने अब भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं.

महाराष्ट्र के ठाणे में तीन नाबालिग लड़कियों के लापता होने से सनसनी फैल गई. कल्याण के बारावे गांव से दो सगी बहनें और उनकी 13 साल की भांजी घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटीं. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एक अहम सूचना के आधार पर पुलिस टीम को लखनऊ भेजा गया है, जहां लड़कियों की तलाश की जा रही है.

छत्तीसगढ़ के रायपुर में मिड-डे मील योजना से जुड़े हजारों रसोइया और सहायिकाएं अपनी मांगों को लेकर तूता मैदान में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. रसोइया संघ के अध्यक्ष के अनुसार, उन्हें मात्र 66 रुपये प्रतिदिन मानदेय मिलता है, जो उनके परिवार का खर्च चलाने के लिए अपर्याप्त है. ठंड के बावजूद वे 22 दिनों से धरना दे रहे हैं पर शासन के कोई प्रतिनिधि उनसे अब तक नहीं मिले हैं.

आठवीं शताब्दी में आदि शंकराचार्य ने चार शंकराचार्य पीठों की स्थापना की. उद्देश्य था हिंदू धर्म और दर्शन को बचाना और आगे बढ़ाना. ऐसा हुआ भी. लेकिन पिछली एक सदी में कई और शंकराचार्य पीठ गढ़ ली गईं. इन पर बैठने वालों में कलह आम हुई. चुनावी लाभ, उत्तराधिकार का झगड़ा, राजनीतिक हस्तक्षेप, और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं ने इस पद को धार्मिक से ज्यादा राजनीतिक बना दिया है.





