
दिल्ली लाल किला ब्लास्ट केस में NIA का एक्शन, J&K में 9 ठिकानों पर रेड... कई डिजिटल साक्ष्य जब्त
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दिल्ली लाल किला ब्लास्ट केस में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में छापेमारी कर अहम डिजिटल सबूत जुटाए हैं. एजेंसी इस हमले के पीछे छिपे बड़े आतंकी नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है.
दिल्ली में लाल किला के पास पिछले साल नवंबर में हुए बम विस्फोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर में कई जगहों पर छापेमारी की. इस कार्रवाई के तहत एजेंसी ने श्रीनगर, बारामूला, जम्मू, कुलगाम, गांदरबल और हंदवाड़ा जिलों में कुल 9 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया. छापेमारी के दौरान एनआईए ने कई डिजिटल डिवाइस, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है.
अधिकारियों के अनुसार, इन डिवाइस से मामले में शामिल नेटवर्क, फंडिंग और संपर्कों के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है. इस मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जांच एजेंसियों के मुताबिक, मुख्य आरोपी उमर उन नबी विस्फोट के दौरान ही मारा गया था. जिस कार में ब्लास्ट हुआ था, उसे उमर ही चला रहे थे. जम्मू-कश्मीर और दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इस हमले की साजिश रची थी.
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बता दें कि 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला से कुछ दूरी पर स्थित ट्रैफिक सिग्नल पर एक कार में जोरदार बम विस्फोट हुआ था, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई थी और 30 से ज्यादा घायल हुए थे. यह इलाका सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है, जिससे इस घटना ने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी थी. घटना के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शुरुआती जांच की और फिर केंद्र सरकार ने मामले को NIA को सौंप दिया था.
जांच में जैश-ए-मोहम्मद की आतंकी साजिश, डॉक्टरों के मॉड्यूल और सीमा पार कनेक्शन की बात सामने आई थी. तब से केंद्रीय जांच एजेंसी लगातार संदिग्धों की पहचान, उनके नेटवर्क और हमले की पूरी साजिश का खुलासा करने में जुटी हुई है. एनआईए ने बताया कि यह छापेमारी लाल किला कार ब्लास्ट से जुड़ी जांच का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य हमले में शामिल नेटवर्क का पर्दाफाश करना और इसमें शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करना है.

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