
WhatsApp से करते थे ब्रेनवॉश, फैला रखा था नेटवर्क, दिल्ली के रैनबसेरे में धर्मांतरण की Inside Story
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दिल्ली पुलिस सूत्रों का कहना है कि दिल्ली तुर्कमान गेट केस में धर्मांतरण के लिए वॉट्सऐप ग्रुपों का इस्तेमाल किया गया था. धर्मांतरण के लिए गुमराह करने के लिए कल्याणकारी कार्यक्रमों के नाम पर वॉट्सऐप ग्रपु तैयार किए गए. इस मामले में आरोपी चार से पांच ऐसे ग्रुपों का एडमिन था.
दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित रैनबसेरे (Night Shelter) में कथित धर्मांतरण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर मामले के मुख्य अभियुक्त मोहम्मद कलीम की भूमिका की जांच करने को कहा है.
उन्होंने इसके साथ ही दिल्ली सरकार के सभी रैनबसरों में निगाह रखने और डीयूएसआईबी अधिकारियों की भूमिका की जांच करने की भी मांग की है.
दिल्ली पुलिस सूत्रों का कहना है कि दिल्ली तुर्कमान गेट केस में धर्मांतरण के लिए वॉट्सऐप ग्रुपों का इस्तेमाल किया गया था. धर्मांतरण के लिए गुमराह करने के लिए कल्याणकारी कार्यक्रमों के नाम पर वॉट्सऐप ग्रुप तैयार किए गए. इस मामले में आरोपी चार से पांच ऐसे ग्रुपों का एडमिन था.
तुर्कमान गेट धर्मांतरण मामले में शिकायतकर्ता की शिकायत की जांच की जा रही है. हालांकि, शिकायत आधारहीन नहीं है. कथित धर्मांतरण मामले में तीन लोगों ने शिकायत की है. आरोप है कि आरोपी कलीम ने एक शख्स का धर्मांतरण कराया था. पुलिस ने उस शख्स की पहचान कर ली है और अब इसकी पुष्टि की जा रही है कि क्या उस शख्स का ब्रेनवॉ कर उसे संजीव से अब्बास बनाया गया.
क्या है मामला?
तुर्कमान गेट के एक स्थानीय निवासी संदीप सागर ने धर्मांतरण की शिकायत दर्ज कराई थी. इस शिकायत के बाद पुलिस ने मोहम्मद कलीम नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया.

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