
Weather Update: वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से बदलेगा मौसम, दिसबंर के पहले हफ्ते में बारिश से उत्तर भारत में बढ़ेगी ठंड!
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Weather Forecast: एक दिसंबर को राजस्थान के जोधपुर,कोटा, उदयपुर संभाग में हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की संभावना है. वहीं दो दिसंबर को राज्य के जोधपुर,कोटा, जयपुर, उदयपुर व अजमेर संभाग के जिलों में हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा तथा उदयपुर संभाग में एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा भी होने की संभावना है.
Weather report: पश्चिमी विक्षोभ (western disturbance) के चलते राजस्थान के कई इलाकों में बारिश हो सकती है. ऐसे में दिसंबर के पहले हफ्ते होने वाली बारिश से उत्तर भारत में ठंड बढ़ जाएगी. मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार दक्षिणी अंडमान सागर में आगामी 12 घंटों में कम दबाव के क्षेत्र के बनने की संभावना है. साथ ही राज्य में एक दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ के भी सक्रिय होने की संभावना है.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









