
VIDEO: कॉलेज के बाहर लड़कियों में मारपीट, जमकर चले लात-घूंसे और फिर...
AajTak
हापुड़ जिले में लड़कियों के बीच मारपीट का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. घटना एक डिग्री कॉलेज के बाहर की है. किसी बात को लेकर लड़कियों में कहासुनी हुई थी. देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच लात-घूंसे चलने लगे. इतना ही नहीं दोनों ने बाल पकड़कर एक-दूसरे जमकर पीटा.
यूपी के हापुड़ जिले में कॉलेज के बाहर लड़कियों में हुई मारपीट का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. किसी बात को लेकर दो लड़कियों में कहासुनी हो गई. इसके बाद दोनों में जमकर मारपीट हुई. किसी ने इस घटना को कैमरे में कैद करके वायरल कर दिया.
किसी बात को लेकर हुई कहासुनी
बताया जा रहा है कि घटना हापुड़ के पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र में राजपूताना रेजीमेंट डिग्री कॉलेज की है. यहां पर लड़के और लड़कियां साथ में पढ़ते हैं. शुक्रवार को छुट्टी के समय किसी बात को लेकर 2 छात्राओं में कहासुनी हो गई.
दोनों में जमकर हाथापाई और लात-घूंसे
बात इतनी बढ़ गई कि दोनों में जमकर हाथापाई और लात घूंसे चलने लगे. इतना ही नहीं दोनों ने बाल पकड़कर एक-दूसरे को पीटा. इस लड़ाई से हड़कंप मच गया. भारी संख्या में छात्र-छात्राएं मौके पर जमा हो गए. इसमें से ही किसी ने छात्राओं के बीच मारपीट का वीडियो बना लिया, जो कि सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है.
घटना को लेकर कॉलेज में चर्चा

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









