
UP: रिसर्च में पाए गए कोरोना के 7 वैरिएंट, वैज्ञानिकों ने बताई दूसरी लहर के घातक होने की वजह
AajTak
वाराणसी और आसपास से लिए नमूनों की जांच के बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय और सीएसआईआर-सेलुलर और आणविक जीवविज्ञान केंद्र (सीसीएमबी), हैदराबाद के वैज्ञानिकों ने अपने रिसर्च में पाया कि वाराणसी क्षेत्र में कम से कम कोरोना वायरस सात वरियेंट्स उपस्थित थे.
कोरोना संक्रमण की घटती रफ्तार के बीच अब इससे जुड़े हुए रिसर्च भी सामने आने लगे हैं कि आखिर क्यों दूसरी लहर इतनी ज्यादा जानलेवा और घातक थी? वाराणसी और आसपास से लिए नमूनों की जांच के बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय और सीएसआईआर-सेलुलर और आणविक जीवविज्ञान केंद्र (सीसीएमबी), हैदराबाद के वैज्ञानिकों ने अपने रिसर्च में पाया कि वाराणसी क्षेत्र में कम से कम कोरोना वायरस सात वैरिएंट्स उपस्थित थे, जिसमें कोरोना वायरस के सबसे घातक वैरिएंट ऑफ कंसर्न जिसे डेल्टा वैरीएंट भी कहते हैं, उसकी वजह से वाराणसी में कोरोना की रफ्तार इतनी तेज थी. इस बारे में और ज्यादा जानकारी बीएचयू में एमआरयू लैब की प्रमुख प्रोफेसर रोयना सिंह ने बताया कि अचानक जैसे ही कोरोना की दूसरी लहर आई तो हम लोगों ने संक्रमण दर और ट्रांसबिलिटी रेट बढ़ता देखा. इस पर शक हुआ कि क्या वायरस म्यूटेट कर लिया होगा? जिसके बाद रिसर्च करने पर यह नतीजा निकला कि जो सैंपल जांच के लिए सीसीएमबी हैदराबाद भेजे गए थे, उसमें 36% वेरिएंट ऑफ कंसर्न जिसे डेल्टा स्ट्रेन भी कहते हैं पाया गया.
उत्तराखंड की चार धाम यात्रा के मंदिर परिसरों में इस साल से मोबाइल फोन और कैमरों पर पूरी तरह से बैन रहेगा. दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद CAQM ने GRAP-4 लागू कर दिया है. ट्रकों की दिल्ली में एंट्री बंद कर दी गई है और स्कूलों को हाइब्रिड मोड में चलाने का निर्देश दिया गया है. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे. प्रधानमंत्री की अगुवाई में US कॉन्सुलेट तक मार्च निकाला गया.

माघ मेले का तीसरा और सबसे बड़ा स्नान पर्व मौनी अमावस्या आज मनाया जा रहा है. इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज के संगम स्थल पर एकत्र हुए हैं. ब्रह्म मुहूर्त में सुबह चार बजे से स्नान आरंभ हो गया है जो दिन भर चलता रहेगा. स्थानीय प्रशासन ने अनुमान लगाया है कि इस वर्ष तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालु मौनी अमावस्या के स्नान के लिए संगम क्षेत्र में पहुंचेगे.

जोशीमठ क्षेत्र में जंगलों में लग रही आग का सिलसिला अब भी जारी है. फूलों की घाटी, थेंग गांव, तपोवन रेंज और नीति घाटी के जंगलों में तगड़ी आग भड़क चुकी है. खासकर जोशीमठ के सामने चाई गांव के जंगलों में भीषण आग लगातार फैल रही है. कई दिन से बारिश और बर्फबारी न होने की वजह से पहाड़ सूखे हुए हैं जिसका असर जंगलों पर पड़ रहा है.

महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने साइबर ठगी के केस में कार्रवाई की है. मुंबई के रहने वाले 72 साल के बुजुर्ग से 58.13 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में कोर्ट के आदेश के बाद पहली किस्त के रूप में 2 करोड़ रुपये की राशि वापस कराई गई है. पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों की संपत्तियां फ्रीज की हैं, जबकि मुख्य आरोपी अब भी फरार है.

बागेश्वर के उत्तरायणी मेले में हिमालयी कुत्तों की खास बाजार लोगों का ध्यान खींच रही है. पहाड़ी इलाकों से आए व्यापारी हिमालयन शीपडॉग बेच रहे हैं, जिनकी कीमत 5,000 से 25,000 रुपये तक है. ये कुत्ते अपनी वफादारी और साहस के लिए जाने जाते हैं और जंगली जानवरों से भी मुकाबला करते हैं. पहले ग्रामीण इलाकों तक सीमित यह नस्ल अब शहरों में भी तेजी से लोकप्रिय हो रही है.








