
The Kashmir Files: वीपी सिंह सरकार के दौर में क्या था कश्मीर में घटा सियासी घटनाक्रम? देखें
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कश्मीर फाइल्स सिनेमा के पर्दे पर धूम मचा रही है तो सियासी गलियों में भूचाल ला रही हैं. कश्मीर पंडितों के दर्द को सब देख रहे हैं लेकिन विवाद सरकार के रूख को लेकर भी हो रहा है. आखिर क्या था वो पूरा सच? कौन था जिम्मेदार? विपक्ष वीपी सिंह की सरकार को समर्थन देने वाली बीजेपी पर हमला कर रहा है तो वहीं बीजेपी कश्मीरी पंडितों की बदहाली पर कांग्रेस को घेरती आई है. आइए समझते हैं कश्मीर में सियासी घटनाक्रम जो कश्नमीरी पंडितों की बदलहाली के बीच चल रहा था.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.










