
अरुणाचल को हरियाणा से 29 गुना ज्यादा पैसा क्यों? जानिए भारत के टैक्स बंटवारे की पूरी कहानी
AajTak
ये कोई गलती नहीं है. ये वही फॉर्मूला है जो बिल्कुल वैसे ही काम कर रहा है जैसा उसे बनाया गया था. आलोचक इसे सफलता की सजा कहते हैं. उनका सवाल है कि जब महाराष्ट्र देश की जीडीपी में करीब 15% योगदान देता है, तो उसे टैक्स में सिर्फ 6.3% हिस्सा क्यों? हरियाणा, जिसकी प्रति व्यक्ति आय सबसे ज्यादा है, उसे सबसे कम क्यों?
हर साल केंद्र सरकार बेंगलुरु के टेक कर्मचारियों, मुंबई के व्यापारियों और गुरुग्राम के सैलरीड प्रोफेशनल्स से इनकम टैक्स और कॉरपोरेट टैक्स के रूप में लाखों करोड़ रुपये वसूलती है. इसके बाद यह पैसा राज्यों में बांट दिया जाता है. बात सीधी लगती है.
लेकिन असली ट्विस्ट यहीं है. वित्त वर्ष 2025-26 में अरुणाचल प्रदेश का एक निवासी इस टैक्स पूल से औसतन 1,17,705 रुपये पाएगा, जबकि हरियाणा के एक व्यक्ति को सिर्फ 3,997 रुपये मिलेंगे यानी 29 गुना का फर्क.
📌 [यहाँ मैप एम्बेड करें – Tax Distribution-01.jpg]
पिछले साल के केंद्रीय बजट में 28 राज्यों को 9.27 लाख करोड़ रुपये बांटने का प्रस्ताव है. जनसंख्या के हिसाब से उत्तर प्रदेश (करीब 20 करोड़ आबादी) को सबसे ज्यादा यानी 1.66 लाख करोड़ रुपये मिल रहे हैं. इसमें कोई हैरानी नहीं. लेकिन जैसे ही आंकड़ों को पलटकर देखा जाए कि हर नागरिक को असल में कितना पैसा मिल रहा है, तभी तसवीर पूरी तरह बदल जाती है.
देश की सिर्फ 4 फीसदी आबादी वाले आठ पूर्वोत्तर राज्यों को प्रति व्यक्ति सबसे ज्यादा हिस्सा मिल रहा है. इसमें अरुणाचल प्रदेश सबसे ऊपर है. यहां सिक्किम को प्रति व्यक्ति 58,878 रुपये और मिजोरम को 42,259 रुपये मिल रहे.
वहीं आर्थिक रूप से मजबूत राज्यों में प्रति व्यक्ति की बात करें तो महाराष्ट्र में 5,212 रुपये, गुजरात 5,335 रुपये और तमिलनाडु में 5,242 रुपये मिलते हैं. ये सब सूची के निचले पायदान पर हैं. यह कोई सिस्टम की खामी नहीं है. यह वही फॉर्मूला है, जो जानबूझकर ऐसा बनाया गया है.

आज विशेष में बात इजरायल की. जहां ईरान के हमलों की इंटेंसिटी बढ़ी हुई है. ईरान लगातार इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक कर रहा है. लेकिन इजरायल ने अपना सिस्टम ही ऐसा डेवेलप किया हुआ है कि ईरान के भीषण हमलों के बाद भी इजरायल में इतना नुकसान नहीं हो रहा है. भले ही ईरान के हमलों में इमारतें तबाह हो रही हों, गाड़ियों की क्षति हो रही हो. लेकिन लोगों की जान बची हुई है. इजरायल ने कैसे ईरान के हमलों से बचने की तैयारी की हुई है.

सीजेआई सूर्यकांत एक मामले की सुनवाई के दौरान उस वक्त नाराज हो गए, जब याचिकाकर्ता निखिल कुमार पुनिया के पिता ने CJI के भाई को फोन कर दिया. मामला बौद्ध धर्म अपनाकर अल्पसंख्यक आरक्षण मांगने से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसे 'नए तरह का धोखा' बताते हुए जांच के आदेश दे चुका है. सीजेआई ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए अवमानना की चेतावनी दी.

युद्ध को लेकर आखिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते क्या हैं, उनकी रणनीति क्या है? दुनिया के मन में ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं. एक ओर ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन और अच्छी बातचीत होने और होर्मुज पर गिफ्ट मिलने की बात की है. पाकिस्तान के जरिये ईरान को 15 सूत्री प्रपोजल भेजे जाने का भी दावा है. तो दूसरी ओर पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ रही है. अमेरिका के 1000 अतिरिक्त हवाई सैनिक वहां भेजे जाने की रिपोर्ट्स हैं. पिछले हफ्ते 3 युद्धपोतों के साथ अतिरिक्त नौसैनिकों के रवाना होने की खबर आई थी. अमेरिकी कैंप से आ रहे विरोधाभाषी दावों के बीच ईरान के तेवर कड़े हैं. ईरान बातचीत से इनकार कर रहा है.

Indore Viral Video Truth: इंदौर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों के बीच 149 रुपये लीटर पेट्रोल बिकने के एक वीडियो ने आग में घी डालने का काम किया. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने न केवल जनता को डराया, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए. हालांकि, जब जांच हुई तो कहानी के पीछे का तकनीकी सच कुछ और ही निकला.

आज का दंगल ईरान युद्ध को लेकर भारत में चल रही तैयारी पर है. ईरान जंग के हालात को देखते हुए सरकार ने दिल्ली में बड़ी बैठक बुलाई है. पार्लियामेंट हाउस में ये बैठक थोड़ी देर में शुरू होने वाली है जिसमें सभी दलों के 2-2 प्रतिनिधियों को बुलाया गया है. ये बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हो रही है जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू और ऊर्वरक मंत्री जेपी नड्डा समेत विदेश सचिव भी शामिल रहेंगे.

ईरान ने बहुत बड़ा दावा किया है ईरान का कहना है कि उसने अमेरिकी नौसेना ने यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत पर हमला किया है ईरान ने अमेरिका के इस एयर क्राफ्ट कैरियर पर क्रूज मिसाइल हमले का दावा किया है. अमेरिका की तरफ से इस हमले पर अभी तक कुछ नहीं कहा गया है. USS अब्राहम लिंकन परमाणु इंजन से चलने वाले निमित्ज श्रेणी का विमानवाहक पोत है. विमानवाहक पोत होने का मतलब एक ऐसे जंगी जहाज होने से है जिसपर फाइटर जेट उतर सकते हैं, यहां डेरा डाल सकते हैं और यहां से उड़ान भर सकते हैं.







