
LeT Recruitment Case: NIA कोर्ट ने पाकिस्तान से जुड़ी आतंकी साजिश के दोषी इदरीस को सुनाई 10 साल की सजा
AajTak
पाकिस्तान से जुड़े लश्कर-ए-तैयबा भर्ती और कट्टरपंथीकरण मामले में NIA की विशेष अदालत ने मुख्य आरोपी को 10 साल की सख्त कैद की सजा सुनाई है. इस मामले में सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जिहाद के लिए उकसाने का खुलासा हुआ था.
Pakistan Linked Terror Case: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने पाकिस्तान से जुड़े लश्कर-ए-तैयबा (LeT) भर्ती और कट्टरपंथ फैलाने के मामले में अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने मुख्य आरोपी इदरीस को 10 साल की सख्त कैद की सजा सुनाई है. यह मामला पश्चिम बंगाल में मुस्लिम युवाओं को आतंकी संगठन से जोड़ने की साजिश से जुड़ा था. अदालत का यह फैसला आतंक के नेटवर्क पर करारा प्रहार माना जा रहा है. जांच में सामने आए तथ्यों ने देश की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर साजिश को उजागर किया है.
कौन है दोषी? दोषी करार दिया गया आरोपी सैयद एम. इदरीस कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले का रहने वाला है. उसे भारतीय दंड संहिता (IPC) और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की कई धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया है. कोलकाता स्थित NIA की विशेष अदालत ने अधिकतम 10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही आरोपी पर 70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. सभी सजाएं एक साथ चलेंगी.
NIA ने ऐसे शुरू की थी जांच यह केस पहले पश्चिम बंगाल पुलिस के पास था, जिसे अप्रैल 2020 में NIA ने अपने हाथ में लिया था. जांच के दौरान NIA ने सैयद इदरीस को गिरफ्तार किया. उसके साथ जम्मू-कश्मीर के रहने वाले अल्ताफ अहमद राथर को भी हिरासत में लिया गया. जांच एजेंसी को शक था कि दोनों मिलकर आतंकी नेटवर्क को आगे बढ़ा रहे हैं. गिरफ्तारी के बाद इस पूरे मॉड्यूल की परतें धीरे-धीरे खुलने लगीं.
आतंकी मॉड्यूल और साजिश NIA की जांच में सामने आया कि सैयद इदरीस और अल्ताफ राथर ने तानिया परवीन के साथ मिलकर एक लश्कर-ए-तैयबा मॉड्यूल बनाने की साजिश रची थी. इसका मकसद स्थानीय युवाओं की भर्ती करना था. तानिया परवीन को मार्च 2020 में पश्चिम बंगाल पुलिस की STF ने गिरफ्तार किया था. उत्तर 24 परगना के बशीरहाट के बदुरिया इलाके में छापेमारी के दौरान उसकी गिरफ्तारी हुई थी.
छापेमारी में क्या मिला? STF की कार्रवाई के दौरान तानिया परवीन के ठिकाने से कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई थी. इनमें जिहादी विचारधारा से जुड़े पाठ्यक्रम और दस्तावेज शामिल थे. ये सामग्री युवाओं को भड़काने और आतंकी सोच फैलाने के लिए इस्तेमाल की जा रही थी. जांच एजेंसियों का मानना है कि यही सामग्री आगे चलकर कट्टरपंथीकरण का आधार बनती थी. बरामद दस्तावेजों ने केस को मजबूत कर दिया.
सोशल मीडिया के ज़रिए ब्रेनवॉश जांच में यह भी सामने आया कि युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी बनाया जा रहा था. उन्हें भारत सरकार के खिलाफ जिहाद के लिए उकसाया जा रहा था. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर गुप्त तरीके से विचारधारा फैलाई जा रही थी. एजेंसियों के मुताबिक, यह तरीका तेजी से युवाओं को प्रभावित कर रहा था. यही वजह है कि इस केस को बेहद गंभीर माना गया.

आज का दंगल ईरान युद्ध को लेकर भारत में चल रही तैयारी पर है. ईरान जंग के हालात को देखते हुए सरकार ने दिल्ली में बड़ी बैठक बुलाई है. पार्लियामेंट हाउस में ये बैठक थोड़ी देर में शुरू होने वाली है जिसमें सभी दलों के 2-2 प्रतिनिधियों को बुलाया गया है. ये बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हो रही है जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू और ऊर्वरक मंत्री जेपी नड्डा समेत विदेश सचिव भी शामिल रहेंगे.

ईरान ने बहुत बड़ा दावा किया है ईरान का कहना है कि उसने अमेरिकी नौसेना ने यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत पर हमला किया है ईरान ने अमेरिका के इस एयर क्राफ्ट कैरियर पर क्रूज मिसाइल हमले का दावा किया है. अमेरिका की तरफ से इस हमले पर अभी तक कुछ नहीं कहा गया है. USS अब्राहम लिंकन परमाणु इंजन से चलने वाले निमित्ज श्रेणी का विमानवाहक पोत है. विमानवाहक पोत होने का मतलब एक ऐसे जंगी जहाज होने से है जिसपर फाइटर जेट उतर सकते हैं, यहां डेरा डाल सकते हैं और यहां से उड़ान भर सकते हैं.

मेट्रो की छत फाड़कर नीचे निकला बोरवेल... 100 फीट नीचे बनी सुरंग में हुआ 6 इंच का छेद, ठेकेदार पर केस
पुणे के शिवाजी रोड इलाके में एक निजी बोरवेल की खुदाई के दौरान पुणे मेट्रो की भूमिगत सुरंग में छेद होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस लापरवाही ने न केवल करोड़ों की मेट्रो परियोजना की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि एक बड़े हादसे को भी न्योता दे दिया था.










