
क्या UP में मुस्लिम-यादव वाला गठबंधन अब बिखरेगा? देखें
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बीजेपी ने हिंदू वोट साधने के लिए जो 'बंटोगे तो कटोगे' का नारा इस्तेमाल किया था उसकी तरह क्या अब अन्य राजनीतिक नेता जैसे अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल को मुस्लिम वोट सुरक्षित रखने के लिए कोई नया नारा देना पड़ सकता है? उत्तर प्रदेश की राजनीति को समझें जहां हर पांच वोट में एक मुस्लिम वोट की ताकत है. 143 सीटों में मुस्लिम आबादी का बड़ा प्रभाव है. इस सियासी स्थिति में क्या समाजवादी पार्टी के लिए नए तरह की चुनौतियां उत्पन्न हो रही हैं? खासतौर पर ओवैसी जिन्हें पहले बीजेपी की बी-टीम माना जाता था, अब उन्हें राजनीति में एक प्रभावशाली ताकत के रूप में देखा जा रहा है.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.

शिंदे सेना ने हाल ही में दादर क्षेत्र में अपनी हार के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है. दादर में शिवसेना शिंदे गुट के उम्मीदवार कुणाल वाडेकर ने भाजपा के कुछ लोगों पर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने उनके खिलाफ साजिश रची, जिससे उन्हें चुनाव में नुकसान हुआ. इस वीडियो में, उन्होंने संवाददाता से बातचीत के दौरान अपनी बात रखी.











