
T20 WC: ना माही की मेंटरशिप चली, ना कोहली की कप्तानी...टी-20 वर्ल्डकप में भारतीय टीम के सफर की कहानी
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टी-20 वर्ल्डकप में भारतीय टीम का सफर खत्म हुआ है. 2007 के बाद टीम इंडिया ने कोई टी-20 वर्ल्डकप नहीं जीता है. इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम का सफर कैसा रहा, एक नज़र डालिए...
T20 World Cup: कोरोना काल से उबरने के बाद जब क्रिकेट अपनी पटरी पर लौट रहा था, तब हर किसी की टी-20 वर्ल्डकप का सपना दिख रहा था. कारण ये था कि टी-20 वर्ल्डकप 2021 भारत में होने वाला था. लेकिन ऐसा हो नहीं सका, कोरोना काल के कारण टी-20 वर्ल्डकप को यूएई, ओमान में शिफ्ट करना पड़ा. लेकिन तब भी ऐसा लगा कि भारतीय टीम ये वर्ल्डकप जीत सकती है. खैर जैसा सोचा था वैसा बिल्कुल नहीं हुआ. टी-20 वर्ल्डकप से ठीक पहले आईपीएल खेला जा रहा था, इसी बीच में वर्ल्डकप के लिए भारतीय टीम के स्क्वॉड का ऐलान हो गया. टीम के ऐलान से इतर हैरान करने वाली चीज ये थी कि भारतीय टीम के साथ पूर्व क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी को बतौर मेंटर भेजने का फैसला लिया गया. तब ऐसा माहौल बना कि मानो इस बार टीम इंडिया ये वर्ल्डकप जीत ही सकती है. महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में इस बीच में चेन्नई सुपर किंग्स ने आईपीएल भी जीता. ऐसे में ये उम्मीदें भी बढ़ी थीं. खैर, भारतीय टीम ने आईपीएल के बाद जब टी-20 वर्ल्डकप का सफर शुरू किया तो प्रैक्टिस मैचों में बड़ी टीमों को मात दी. लेकिन जैसे ही ग्रुप-मैच शुरू हुए तब सबकुछ बदल गया. भारत का पहला ही मैच पाकिस्तान के खिलाफ था. दशकों का इतिहास था कि पाकिस्तान ने कभी भी टी-20 वर्ल्डकप में भारत को नहीं हराया है. ऐसे में इस बार वर्ल्डकप से भी यही उम्मीद थी, लेकिन इतिहास पलट गया. पाकिस्तान ने टी-20 वर्ल्डकप के पहले ही मैच में भारत को 10 विकेट से करारी मात दी, वो हार ऐसी रही कि टीम इंडिया वापसी ही नहीं कर पाई. कई पूर्व क्रिकेटरों ने भी इस बात का जिक्र किया, जहां पाकिस्तान के शाहीन आफरीदी का उस मैच में वो पहला स्पेल टीम इंडिया पर भारी पड़ गया. शाहीन आफरीदी ने रोहित शर्मा, केएल राहुल को आउट किया था. टीम इंडिया के वर्ल्डकप जीतने का सपना टूटने की कहानी भी वहां से ही शुरू हुई थी. पाकिस्तान ने भारत को 10 विकेट से हराया तो अगले ही मैच में न्यूजीलैंड से 8 विकेट से मात मिली.

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