
Survey: मोदी सरकार की सबसे बड़ी नाकामी क्या है? महंगाई-बेरोजगारी ले डूबी!
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India Today Survey: देश में महंगाई (Inflation) पिछले कुछ महीनों में तेजी से बढ़ी है, विपक्ष ने सड़क से लेकर संसद तक सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. सर्वे (Survey) में इस मुद्दे को शामिल क्या गया है. लोगों से सर्वे में पूछा गया है कि देश में इस वक्त सबसे बड़ी समस्या क्या है?
देश में कई समस्याएं हैं, कोई महंगाई से परेशान है तो किसी को रोजगार चाहिए. सरकार का इन मुद्दों पर ध्यान दिलाने के लिए इंडिया टुडे ने सी-वोटर के साथ मिलकर 'देश का मिजाज' टटोलने की कोशिश है. इस सर्वे में 1.22 लाख से ज्यादा लोगों की रायशुमारी की गई है. इस सर्वे में तमाम ऐसे सवाल पूछे गए जो जनता के बीच चर्चा में है, या फिर जनता जिस चीज को लेकर परेशान है. ये सर्वे फरवरी से लेकर 9 अगस्त के बीच किया गया है.
देश में सबसे बड़ी समस्या?
वैसे देश में महंगाई (Inflation) पिछले कुछ महीनों में तेजी से बढ़ी है, विपक्ष ने सड़क से लेकर संसद तक सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. सर्वे (Survey) में इस मुद्दे को शामिल क्या गया है. लोगों से सर्वे में पूछा गया है कि देश में इस वक्त सबसे बड़ी समस्या क्या है? करीब 27 लोग महंगाई से परेशान हैं, जबकि 25 फीसदी लोगों के लिए बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है और 7 फीसदी लोगों के लिए गरीबी, जबकि 6 फीसदी लोग मानते हैं कि भ्रष्टाचार इस समय में सबसे बड़ी समस्या है. कृषि संकट को 6 फीसदी और 3 फीसदी लोग धार्मिक टकराव को बड़ी समस्या मानते हैं.
मोदी सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती? इसके अलावा सर्वे में लोगों से सीधे मोदी सरकार से जुड़े सवाल किए गए हैं. लोगों से इंडिया टुडे और सी-वोटर के सर्वे में पूछा गया कि मोदी सरकार की सबसे बड़ी नाकामी क्या है? 33 फीसदी लोगों ने कहा- महंगाई, 26 फीसदी बेरोजगारी को मानते हैं, जबकि आर्थिक विकास को 10 फीसदी लोग जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और 6 फीसदी लोग कोविड महामारी मैनेजमेंट को सबसे बड़ी नाकामी मानते हैं. इस सर्वे के आंकड़ों पर गौर करें तो 59 फीसदी लोग महंगाई-बेरोजगारी को मोदी सरकार की सबसे बड़ी नाकामी मानते हैं.
56% लोगों के लिए बेरोजगारी 'बेहद गंभीर' समस्या सर्वे में बेरोजगारी को लेकर अलग से एक सवाल पूछा गया. जिसके जवाब में 56 फीसदी लोगों ने कहा कि देश में बेरोजगारी 'बहुत गंभीर' समस्या है. 17 फीसदी लोग बेरोजगारी को 'गंभीर' समस्या मानते हैं. जबकि 9 फीसदी लोग सरकार से संतुष्ठ हैं और 18 फीसदी लोगों ने कोई राय नहीं दी.

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