
Shaken Baby Syndrome क्या है, बेटी की मौत पर एक बाप को क्यों सजा हुई? अमेरिका में इसे लेकर क्यों छिड़ी है बहस
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टेक्सास सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए उनकी सजा पर रोक लगा दी है. रॉबर्सन, उनके वकील, टेक्सास के सांसद और यहां तक कि मुख्य जांचकर्ता का कहना है कि उन्हें उस अपराध के लिए मौत की सजा मिल रही है जो उन्होंने किया भी नहीं है. रॉबर्सन के समर्थकों का तर्क है कि उनकी सजा अधूरे सबूतों पर आधारित थी और बच्ची की हेल्थ कंडीशन पर ठीक से ध्यान नहीं दिया गया.
साल था 2002, अमेरिकी राज्य टेक्सास में रॉबर्ट रॉबर्सन की दो साल की बेटी निक्की कर्टिस बिस्तर पर गिरकर बेहोश हो गई. रॉबर्सन उसे अस्पताल ले गए लेकिन एक दिन बाद ही बच्ची की मौत हो गई. पता चला उसके सिर पर गंभीर चोट लगी थी. एक साल के भीतर, 57 के रॉबर्सन पर अपनी बेटी की हत्या के लिए मुकदमा चलाया गया और उन्हें मौत की सजा सुना दी गई.
डॉक्टरों और ऑटोप्सी करने वालों ने निष्कर्ष निकाला कि निक्की की मृत्यु रॉबर्सन के हाथों 'गंभीर दुर्व्यवहार' के कारण हुई, जिसमें एक प्रमुख वजह शेकेन बेबी सिंड्रोम (Shaken Baby Syndrome) को बताया गया. रॉबर्सन की सजा की वैधता पर पुनर्विचार कर रही टेक्सास की एक समिति ने रॉबर्सन को सोमवार, 21 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में भाग लेने के लिए एक समन जारी किया.
गुरुवार को दी जानी थी सजा
हालांकि रॉबर्सन सोमवार को नहीं पहुंचे. टेक्सास स्टेट बोर्ड द्वारा पिछले हफ्ते बुधवार को उनकी क्षमादान याचिका खारिज करने के बाद, उन्हें गुरुवार शाम स्थानीय समयानुसार शाम 6 बजे हंट्सविले में एक जानलेवा इंजेक्शन दिया जाना था. मौत की सजा दिए जाने से कुछ ही घंटे पहले टेक्सास में एक जज ने इसे रोकने के लिए एक अस्थायी निरोधक आदेश जारी कर दिया.
समर्थकों ने उठाई आवाज
टेक्सास सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए उनकी सजा पर रोक लगा दी है. रॉबर्सन, उनके वकील, टेक्सास के सांसद और यहां तक कि मुख्य जांचकर्ता का कहना है कि उन्हें उस अपराध के लिए मौत की सजा मिल रही है जो उन्होंने किया भी नहीं है. रॉबर्सन के समर्थकों का तर्क है कि उनकी सजा अधूरे सबूतों पर आधारित थी और बच्ची की हेल्थ कंडीशन पर ठीक से ध्यान नहीं दिया गया.

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