
वॉर का काउंटडाउन... ट्रंप की सेना तैयार खड़ी, खामेनेई ने तैनात की 2000 नई मिसाइलें
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अमेरिकी युद्धपोत ईरान के करीब पहुंच चुके हैं और मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य गतिविधियां तेज हुई हैं. इसके जवाब में ईरान ने 2000 से ज्यादा मिसाइलें तैनात करने की जानकारी दी है. दोनों देशों की तरफ से सैन्य तैयारियों और तैनाती से क्षेत्र में तनाव बढ़ा है.
अमेरिका के युद्धपोत ईरान के करीब पहुंच चुके हैं. अमेरिकी वायुसेना ने मिडिल ईस्ट में युद्ध का रिहर्सल शुरू कर दिया है. इसके जवाब में ईरान ने अपनी 2000 से ज्यादा मिसाइलों को तैनात कर दिया है. दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव किसी भी वक्त युद्ध में बदल सकता है.
डिफेंस एक्सपर्ट मानते हैं कि अमेरिकी धमकियों के आगे ईरान झुकने वाला नहीं है. उनका कहना है कि खामेनेई के सरेंडर के बिना अब ट्रंप पीछे हटने को तैयार नहीं हैं.
क्या ट्रंप ईरान में तख्तापलट की तैयारी में हैं?
बंदूक की नोक पर ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई ने सत्ता विरोधी प्रदर्शनों को कुचल दिया, लेकिन अब वही मुद्दा अमेरिका और ईरान के बीच आमने-सामने की वजह बन गया है. अमेरिका के युद्धपोत ईरान के करीब पहुंच चुके हैं. वहीं संभावित अमेरिकी हमले को देखते हुए ईरान ने 2000 से ज्यादा एडवांस बैलिस्टिक मिसाइलों को पलटवार के लिए तैनात कर दिया है.
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ईरान ने अमेरिका के एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन को निशाने पर रखा है. अगर अमेरिका की तरफ से ईरान को अंजाम भुगतने की धमकी दी जा रही है, तो ईरान ने भी साफ कर दिया है कि इस बार अमेरिका के साथ आर-पार की जंग होगी.
ईरान की मिसाइल ताकत से अमेरिका परेशान

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच मिडिल ईस्ट वॉर से भी पहले से जंग चल रही है. पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार टीटीपी जैसे आतंकी समूहों को पनाह दे रही है जो पाकिस्तान में हमले करते हैं. लेकिन तालिबान ने इन आरोपों को खारिज किया है. दोनों देशों का झगड़ना चीन के हितों के खिलाफ जा रहा है जिसे देखते हुए उसने एक प्रस्ताव रखा था. पाकिस्तान ने सामने से उसे खारिज कर दिया है.

भारत ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बिना भारतीय दूतावास की अनुमति और संपर्क के किसी भी जमीनी सीमा को पार करने की कोशिश न करें. दूतावास ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने पर लोगों को गंभीर लॉजिस्टिक और इमीग्रेशन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. यह सलाह अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद बढ़े तनाव के बीच जारी की गई है. दूतावास ने भारतीयों से आधिकारिक संपर्क में रहने और हेल्पलाइन नंबरों पर मदद लेने की अपील की है. दूतावास ने कहा, 'हमें बताए बिना ईरान न छोड़ें'. दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 17वां दिन है. हर दिन बीतने के साथ ये जंग और भीषण होती जा रही है क्योंकि अब अमेरिका-इजरायल के हमलों का जवाब देने के लिए ईरान ने एडवांस मिसाइलों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. 28 फरवरी से चल रहे युद्ध में ईरान ने पहली बार अपनी सबसे आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक सेजिल से इजरायल को टारगेट किया है. सेजिल मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में माहिर है, इसी वजह से इसे डांसिंग मिसाइल भी कहा जाता है. ईरान की ओर से सेजिल मिसाइल का इस्तेमाल होने से युद्ध में और तेजी आने का साफ संकेत मिल रहा है.

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल के शहर तेल अवीव पर मिसाइल हमला हुआ है. सोशल मीडिया और सीसीटीवी फुटेज में वो पल कैद हुआ है जब ईरान की मिसाइल तेल अवीव की एक सड़क पर आकर गिरती दिखाई देती है. इज़रायल पुलिस के मुताबिक इस हमले में क्लस्टर वारहेड का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छोटे बम अलग-अलग जगहों पर गिरकर फटे और आसपास के कई इलाकों को नुकसान पहुंचा. देखें वीडियो.

क्या ईरान युद्ध में अमेरिका फंस गया है? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ट्रंप के लिए अब बड़ी चुनौती बन गया है. ट्रंप दावे तो बहुत करते हैं, लेकिन हकीकत ये है कि होर्मुज समुद्री मार्ग अभी भी बंद है. ईरान जिसे चाहता है उसके जहाज जाने देता है. बिना ईरान की सहमति के कोई जहाज वहां से नहीं निकल सकता. देखें श्वेता सिंह की ये रिपोर्ट.








