
SCO की कहानी... कब हुई थी शुरुआत, तिआनजिन में कौन-कौन देश कर रहे शिरकत, जानें सबकुछ
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चीन के तिआनजिन में शुरू हुआ दो दिवसीय SCO समिट अब तक का सबसे बड़ा सम्मेलन है. इसमें भारत, रूस, ईरान, पाकिस्तान समेत 20 से अधिक देशों के नेता शामिल हुए हैं. बैठक का एजेंडा सिक्योरिटी, ट्रेड और जियोपॉलिटिक्स है, लेकिन यूक्रेन युद्ध और वैश्विक टैरिफ विवाद भी प्रमुख मुद्दे रहेंगे. जानें एससीओ के बारे में सबकुछ.
चीन के तिआनजिन शहर में आज रविवार से दो दिवसीय शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) समिट का आगाज हो गया है. यह समिट 31 अगस्त से 1 सितंबर तक आयोजित होगी और इसे इस संगठन का अब तक का सबसे बड़ा सम्मेलन माना जा रहा है. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इसकी मेजबानी कर रहे हैं.
यह समिट ऐसे समय हो रही है जब दुनिया में कई स्तरों पर जियोपॉलिटिकल टेंशन और ट्रेड वार्स चल रहे हैं. खासकर अमेरिका के टैरिफ विवाद, यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट में जारी टकराव इस मंच को और अहम बना रहे हैं.
इस बार का आयोजन 2018 के बाद पहली बार चीन में हो रहा है और इसमें 20 से ज्यादा देशों के हेड्स ऑफ स्टेट और 10 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लीडर्स शामिल हो रहे हैं,
SCO: 2001 से अब तक का सफर
SCO की शुरुआत 2001 में हुई थी. इससे पहले यह "शंघाई फाइव" के नाम से जाना जाता था, जिसे 1990 के दशक में चीन, रूस, कजाखस्तान, किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान ने मिलकर बनाया था. इसका मकसद सीमा विवादों का हल निकालना और आपसी विश्वास कायम करना था.
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