
Sam Altman की वापसी का हुआ ऐलान, कंपनी छोड़ने को तैयार थे OpenAI के सारे एम्प्लॉई
AajTak
Sam Altman OpenAI CEO: AI की दुनिया के सबसे बड़े नाम से एक सैम ऑल्टमैन लगातार चर्चा में हैं. पहले उन्हें OpenAI के CEO के पद से हटा दिया गया. फिर उन्हें माइक्रोसॉफ्ट में नई जिम्मेदारी दी गई और अब वह OpenAI में बतौर CEO वापस आ रहे हैं. ये बस एक हफ्ते में अंदर हुआ है. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला.
Open AI इन दिनों चर्चा में बना हुआ है. चर्चा CEO के बार-बार बदलने की है. पिछले हफ्ते Sam Altman को आनन-फानन में CEO के पद से हटा दिया गया. बोर्ड ने अचानक ये फैसला लिया और Google Meet पर सैम ऑल्टमैन को इसकी जानकारी दी. सैम को हटाए जाने के बाद Open AI के प्रेसिडेंट Greg Brockman ने भी इस्तीफा दे दिया.
हालांकि, सैम ऑल्टमैन की OpenAI में अब वापसी हो रही है. कंपनी ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दी है. दरअसल, सैम ऑल्टमैन को हटाए जाने के बाद OpenAI के बहुत से कर्मचारी इस्तीफा देने को तैयार थें.
कंपनी ने लिखा कि हम एक नए बोर्ड के साथ बतौर OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन की वापसी के लिए एक एग्रीमेंट इन प्रिंसिपल पर पहुंचे हैं. इस बोर्ड में Bret Taylor (Chair), Larry Summers और Adam D'Angelo हैं. अन्य डिटेल्स के लिए हम संपर्क कर रहे हैं. इस दौरान धैर्य बनाए रखने के लिए शुक्रिया अदा करते हैं.
बता दें कि इस हफ्ते की शुरुआत यानी सोमवार को ही Microsoft ने सैम ऑल्टमैन को नए पद पर नियुक्त करने की जानकारी दी थी. माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्य नडेला ने X पर इसकी डिटेल्स शेयर की थी.
उन्होंने बताया था कि Emmett Shear ओपन एआई के नए बॉस होंगे. वहीं सैम ऑल्टमैन और Greg Brockman, दोनों ही माइक्रोसॉफ्ट की नई एडवांस AI रिसर्च टीम की कमान संभालेंगे.
ये भी पढ़ें- Sam Altman होंगे माइक्रोसॉफ्ट में शामिल, सत्य नडेला ने बताया OpenAI के नए बॉस का नाम

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.







