RAS Exam: महिला उम्मीदवार की टीशर्ट की आस्तीन काटी! NCW ने मुख्य सचिव को भेजा नोटिस
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एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष रेखा शर्मा ने मुख्य सचिव राजस्थान सरकार को पत्र लिखकर महिलाओं के सम्मान के साथ जीने के अधिकार का उल्लंघन करने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने राजस्थान से रिपोर्ट की गई एक घटना का संज्ञान लिया है. इस घटना के अनुसार राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा (Rajasthan Administrative Service Exam) के दौरान एक महिला उम्मीदवारों द्वारा पहने गए टॉप की आस्तीन कथित तौर पर काट दी गई थी. National Commission for Women (NCW) takes cognisance of the incident where a male security guard was reportedly seen cutting the sleeves of a top worn by a female candidate outside an exam centre for RAS 2021 in Bikaner district, Rajasthan. pic.twitter.com/JVjfXRDQXf

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

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