
'ईरान के जिस स्कूल में गई थी छात्राओं की जान, उसे दान देंगे एक महीने का वेतन', लोकसभा में निर्दलीय सांसद शेख रशीद का ऐलान
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जम्मू कश्मीर के बारामूला से निर्दलीय सांसद अब्दुल रशीद शेख ने सरकार से ईरान के साथ खड़ा होने की अपील की है. उन्होंने यह भी कहा कि सच्ची बात करने के लिए हमारे जैसे लोग यूएपीए में सड़ रहे हैं.
जम्मू कश्मीर के बारामूला से निर्दलीय सांसद अब्दुल रशीद शेख उर्फ इंजीनियर रशीद ने लोकसभा में ईरान के उस स्कूल की मदद के लिए अपनी एक महीने की सैलरी दान देने का ऐलान किया, जिस स्कूल में 162 बच्चियों की जान गई थी. उन्होंने कहा कि इसके लिए एक लेटर भी लिखूंगा. इंजीनियर रशीद ने सरकार से भी ईरान के साथ खड़े रहने की अपील की और कश्मीर के लोगों की ओर से ईरान की मदद के लिए जुटाए गए करोड़ों रुपये का जिक्र कर इसकी तारीफ की.
उन्होंने कहा कि कल प्रधानमंत्री ने कहा कि आगे मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. सही कहा. हम इसलिए ही कहते हैं कि आप ईरान के साथ खड़े रहें. इंजीनियर रशीद ने कहा कि जगदंबिका पाल ने बोला कि हम होर्मुज के रास्ते एनर्जी लेकर आए. दो जहाजों में चंद लीटर एलएनजी लेकर आ गए. वह दिन कहां गए, जब हम चाबहार प्रोजेक्ट की बात करते थे. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के लोगों ने अपना सोना दे दिया, गाड़ी दे दी कि ईरान के मजलूम भाइयों की मदद की जाए.
इंजीनियर रशीद ने कहा कि इजरायल के भी जो आम नागरिक सरकार की गलत नीतियों के चलते मर रहे हैं, हमारी संवेदना उनके साथ भी है. उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोगों ने करोड़ों रुपये ईरान के मजलूम नागरिकों की मदद के लिए दान दिए, इनके जज्बे को सलाम करता हूं. इंजीनियर रशीद ने कहा कि मैं भी ईरान के जिस स्कूल में 162 बच्चियां मरीं, उस स्कूल की तामीर के लिए अपनी एक महीने की सैलरी डोनेट करता हूं. इसके लिए एक लेटर लिखूंगा.
इंजीनियर रशीद ने उठाया भ्रष्टाचार का मुद्दा
बारामूला के निर्दलीय सांसद इंजीनियर रशीद ने भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया और सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार को जनता के पैसे की लूट बताया. उन्होंने कहा कि कहा कि जनता के टैक्स का पैसा लूटने वालों से यह पैसा वापस कराया जाना चाहिए. इंजीनियर रशीद ने यह भी कहा कि किसी योजना के लिए अगर हम सौ रुपये आवंटित करते हैं, तो उस पर 50 रुपये से ज्यादा खर्च नहीं होता.
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पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










