
PM मोदी के सामने ये मुद्दे उठाएंगी ममता बनर्जी, मुख्यमंत्रियों की बैठक में भी होंगी शामिल
AajTak
पश्चिम बंगाल में टीएमसी के खिलाफ बीजेपी के समर्थक मोर्चा खोले हुए हैं. बीजेपी और टीएमसी के बीच सूबे में जारी सियासी जंग के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगी.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मोर्चा खोल रखा है. ममता बनर्जी की पार्टी के एक नेता की ओर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर की गई एक टिप्पणी से आक्रोशित बीजेपी के नेता आंदोलन का ऐलान कर चुके हैं. वहीं अब खबर ये है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने वाली हैं.
जानकारी के मुताबिक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ये मुलाकात 5 दिसंबर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में होगी. दरअसल, भारत को जी-20 शिखर सम्मेलन 2023 की मेजबानी मिली है. इसे लेकर पीएम मोदी ने 5 दिसंबर को देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई है. मुख्यमंत्रियों की इस बैठक के लिए ममता बनर्जी के कार्यालय को भी न्यौता मिला है.
प्रधानमंत्री की ओर से बुलाई गई मुख्यमंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए ममता बनर्जी दिल्ली जाएंगी. अब कहा ये जा रहा है कि ममता बनर्जी मुख्यमंत्रियों की बैठक से अलग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगी. ममता बनर्जी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली बैठक में राज्य की बकाया राशि और बाढ़, कटान जैसे मुद्दे उठा सकती हैं.
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ ही कई अन्य राज्यों की ओर से ये कहा गया था कि केंद्र सरकार फंड जारी करने में देर कर रही है जिसकी वजह से विकास योजनाएं शुरू करने में समस्या हो रही है. ममता बनर्जी ने ये दावा किया था कि 31 जुलाई 2022 तक ही केंद्र पर पश्चिम बंगाल सरकार के करोड़ों रुपये बकाया हैं.
ममता बनर्जी पीएम मोदी के साथ बैठक में फरक्का बैराज और उसके आसपास के इलाकों में गंगा नदी की कटान का मुद्दा भी उठा सकती हैं. ममता बनर्जी ने इसे लेकर पीएम मोदी को पत्र भी लिखा था और ये मांग की थी कि संबंधित मंत्रालय विस्तृत अध्ययन कर एकीकृत योजना तैयार करे. सीएम ममता ने नदिया, मालदा, मुर्शिदाबाद में गंगा नदी के किनारे कटान को लेकर चिंता व्यक्त की थी.

आज के बीएमसी चुनाव में भाजपा ने मुम्बई में बड़ी सफलता हासिल की है. पिछले चालीस वर्षों में पहली बार भाजपा बीएमसी की मेयर की कुर्सी संभालने को तैयार है. भाजपा ने विकास कार्यों को अपनी प्राथमिकता बनाया है और जनता ने इसे स्वीकार किया है. चुनाव की मतगणना अभी चल रही है, लेकिन शुरुआती रुझान साफ दिखा रहे हैं कि भाजपा और उसके गठबंधन को भारी बहुमत मिलेगा. विपक्ष खासकर शिवसेना के लिए यह चुनाव चुनौतीपूर्ण रहा है. उद्धव ठाकरे की पार्टी को कुछ सीटें मिली हैं पर भाजपा की बढ़त स्पष्ट है.

बीएमसी चुनाव में बीजेपी-शिवसेना शिंदे गुट का गठबंधन आगे चल रहा है. ठाकरे बंधुओं और एनसीपी-एसपी का गठबंधन भी 80 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. Axis My India के एमडी प्रदीप गुप्ता ने कहा है कि हार के बावजूद ठाकरे बंधु मराठी बहुल इलाकों, खासकर ग्रेटर मुंबई में अपनी साख बचाने में कामयाब रहे हैं. हार के बावजूद उनके वजूद पर सवाल नहीं उठाए जा सकते.

बीएमसी चुनाव में मिली जीत के बाद बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने प्रमुख राजनीतिक नेताओं पर अपने विचार व्यक्त किए. उन्होंने कहा कि बाला साहेब ठाकरे जी ने सोनिया गांधी के सामने कभी झुकने से इनकार किया था, लेकिन आज उनके पुत्र उद्धव ठाकरे कांग्रेस के साथ हैं और महाविकास अघाड़ी अब पिछड़ा गठबंधन बन गई है. पीएम मोदी और सीएम फडणवीस महाराष्ट्र के विकास को लेकर काम कर रहे हैं.

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के मेंढर इलाके में PIA के लोगो वाला विमान के आकार का संदिग्ध गुब्बारा मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुट गई हैं. इससे पहले भी सांबा जिले के रामगढ़ क्षेत्र में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ लिखा गुब्बारा भी बरामद किया जा चुका है. लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के चलते सीमा से सटे इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है.

इस एपिसोड में प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के नाम पर हो रही लूट की कहानी बयान की गई है. लखनऊ के नीरज मिश्रा, रांची के तिवारी परिवार, मुंगेर के टिंकू और भोपाल की शालू यादव के अनुभवों से पता चलता है कि कैसे मरीजों को भारी बिल देकर भी सही इलाज नहीं मिलता. कई अस्पतालों में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ होता है और जिम्मेदार अधिकारी मौन हैं. इस रिपोर्ट में सरकारी और निजी अस्पतालों की स्थिति, मरीजों की परेशानियां और प्रशासन की लापरवाही की पूरी जांच-पड़ताल की गई है.








