
PM की डिग्री को लेकर मानहानि का केस... बाढ़ के कारण कोर्ट नहीं पहुंचे केजरीवाल, सुनवाई टली
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पीएम नरेंद्र मोदी की डिग्री से जुड़े एक मामले में दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल और सांसद संजय सिंह मानहानि के केस का सामना कर रहे हैं. उन्हें इस मामले में आज अहमदाबाद की कोर्ट में पेश होना था, लेकिन दिल्ली में बाढ़ के हालात के चलते दोनों कोर्ट में पेश नहीं हो सके. गुजरात यूनिवर्सिटी ने दोनों नेताओं के खिलाफ मानहानि का केस किया है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और AAP सांसद संजय सिंह मानहानि के मामले का सामना कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी की डिग्री मांगने के मामले में गुरुवार को सुनवाई नहीं हो सकी.
यूनिवर्सिटी ने अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह पर मानहानि के केस किया है. इस मामले में गुरुवार को केजरीवाल और संजय सिंह को कोर्ट में पेश होना था लेकिन केजरीवाल कोर्ट नहीं पहुंच सके. उनके वकील ने बताया कि दिल्ली में बाढ़ के हालात हैं, इसलिए केजरीवाल अहमदाबाद की मेट्रो कोर्ट में हाजिर नहीं हो सके. इसके बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 26 जुलाई तय कर दी है.
अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह पर गुजरात यूनिवर्सिटी की छवि खराब करने का आरोप है. गुजरात यूनिवर्सिटी ने अपनी याचिका में कहा कि केजरीवाल और संजय सिंह ने संस्थान की प्रतिष्ठा पर सवाल उठाया है. पीएम की डिग्री वेबसाइट पर अपलोड की जा चुकी है, लेकिन इसके बाद भी दोनों नेता कह रहे हैं कि डिग्री न दिखाकर यूनिवर्सिटी सच छिपा रही है.
मानहानि मामले में 15 अप्रैल को सबसे पहली सुनवाई हुई थी. इसमें कोर्ट ने दोनों नेताओं को 23 मई को पेश होने का आदेश दिया था. हालांकि दोनों नेता कोर्ट नहीं पहुंच थे. उनका दावा था कि कोर्ट से उन्हें कोई समन नहीं मिला. इसके बाद कोर्ट ने उन्हें फिर समन भेजा और सात जून को पेश होने के लिए कहा. तब भी दोनों कोर्ट नहीं पहुंचे थे. वकील ने पेशी से छूट के लिए आवेदन दिया था, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर दोनों को 13 जुलाई को कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया था.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अप्रैल 2016 में केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) को एक पत्र लिखकर पीएम मोदी की शैक्षिक योग्यता से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की थी. उन्होंने पत्र में लिखा कि इस मुद्दे पर किसी भी तरह के भ्रम को दूर करने के लिए डिग्री को सार्वजनिक किया जाना चाहिए.
इसके बाद मुख्य सूचना आयुक्त ने गुजरात यूनिवर्सिटी से पीएम नरेंद्र मोदी की डिग्री के बारे में जानकारी मुहैया कराने के लिए कहा था. यूनिवर्सिटी ने सूचना आयोग के इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दे दी थी. हाई कोर्ट ने 31 मार्च के सूचना आयोग के आदेश को रद्द करते हुए केजरीवाल पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया था.

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