
Pegasus से जासूसी हुई या नहीं? सरकार ने संसद में ऐसा क्या कहा था जिसपर विपक्ष अब हमलावर है
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अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि भारत ने 2017 में इजरायल के साथ हुए एक रक्षा सौदे में जासूसी सॉफ्टवेयर Pegasus खरीदा था. इस रिपोर्ट के बाद सरकार फिर घिर गई है. आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जुलाई 2021 में जवाब दिया था, जिस पर अब कांग्रेस उनके खिलाफ हमलावर हो गई है.
भारतीय राजनीति में इजरायली सॉफ्टवेयर Pegasus से कथित जासूसी का मामला एक बार फिर गर्मा गया है. अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि 2017 में एक रक्षा सौदे में भारत ने इजरायल से Pegasus खरीदा था. ये डील 2 अरब डॉलर (15 हजार करोड़ रुपये) में हुई थी. Pegasus को इजरायली कंपनी NSO ने बनाया है.

इजरायल अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है, इस युद्ध के चलते भारत में भी ऊर्जा संकट पैदा हो रहा था, इसी संकट को लेकर पीएम मोदी ने आज संसद में पहली बार सार्वजनिक तौर पर बयान दिया. पश्चिम एशिया में जंग के हालातों पर पीएम मोदी ने लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच दी उन्होंने कहा कि तनाव खत्म होना चाहिए. बातचीत से ही समस्या का समाधान है. पीएम ने कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं. होमुर्ज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं होगा ‘सरकार की कोशिश है कि देश में तेल-गैस संकट न हो. इसके लिए 27 की जगह अब 41 देशों से इंपोर्ट कर रहे हैं. पश्चिम एशिया में एक करोड़ भारतीय रहते हैं. उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है.

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.










