
OTP से ही खुलेंगे घी के टैंकर, GPS से होगी लाइव ट्रैकिंग... 'तिरुपति प्रसादम' के लिए क्यों भरोसेमंद है नंदिनी ब्रांड?
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नंदिनी ने तिरुपति को भेजे जाने वाले घी में मिलावट या किसी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना को पूरी तरह से खत्म करने के लिए विशेष सावधानियां बरती हैं. इसके लिए नंदिनी ने घी ले जाने वाले टैंकरों में जीपीएस और इलेक्ट्रॉनिक लॉकिंग सिस्टम लगाने की योजना बनाई है. यह तकनीक सुनिश्चित करेगी कि टैंकर की यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न हो.
दक्षिण भारत, विशेषकर कर्नाटक में डेयरी उत्पादों का 'नंदिनी' एक विश्वसनीय नाम है. नंदिनी दूध और घी अपनी हाई क्वालिटी के लिए प्रसिद्ध हैं, और इनकी मांग दक्षिण भारत में काफी अधिक है. तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के लिए भी नंदिनी ब्रांड की घी वर्षों से पहली पसंद रही है.
लंबे समय से घी आपूर्ति नंदिनी ब्रांड की घी ने 2013 से 2018 के बीच करीब 4,000 मीट्रिक टन घी की आपूर्ति तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को की थी. 2019 में भी लगभग 1,170 टन घी भेजी गई. इसके बावजूद, 2020 से नंदिनी ने तिरुपति देवस्थानम को घी की आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई, क्योंकि नंदिनी अन्य प्रतिस्पर्धियों की कम कीमतों से मेल नहीं खा सकी और इस कारण ठेका किसी और को मिल गया था.
मिलावट रहित गुणवत्ता कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) के अधिकारियों का दावा है कि नंदिनी में उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाता. KMF के एक अधिकारी ने कहा, "नंदिनी में मिलावट या घटिया सामग्री के उपयोग की कोई संभावना नहीं है. पिछले कुछ वर्षों में हमने स्पष्ट रूप से कहा कि हम अपने उत्पाद सस्ती दरों पर नहीं दे सकते, इसलिए हम उस समय टेंडर में हार गए, लेकिन अब हमें फिर से घी की आपूर्ति का ठेका मिल गया है."
सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उपाय नंदिनी ने तिरुपति को भेजे जाने वाले घी में मिलावट या किसी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना को पूरी तरह से खत्म करने के लिए विशेष सावधानियां बरती हैं. इसके लिए नंदिनी ने घी ले जाने वाले टैंकरों में जीपीएस और इलेक्ट्रॉनिक लॉकिंग सिस्टम लगाने की योजना बनाई है. यह तकनीक सुनिश्चित करेगी कि टैंकर की यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न हो.
बेंगलुरु स्थित नंदिनी का मुख्यालय जीपीएस के जरिए टैंकरों की निगरानी करेगा. टैंकरों में लगे इलेक्ट्रॉनिक लॉक को केवल मुख्यालय द्वारा जारी ओटीपी के माध्यम से खोला जा सकेगा, जिससे किसी भी प्रकार की मिलावट या अवांछित हस्तक्षेप की संभावना नहीं रहेगी. यह कदम नंदिनी के उत्पादों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए उठाया गया है.
नंदिनी का विस्तार 1974 में कर्नाटक सरकार द्वारा स्थापित कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) अब एक संपन्न संघ बन चुका है. 'नंदिनी' ब्रांड ने न केवल दक्षिण भारत में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है. नंदिनी अब इंडियन सुपर लीग (ISL) फुटबॉल टूर्नामेंट का आधिकारिक प्रायोजक है और साथ ही स्कॉटलैंड क्रिकेट टीम की जर्सी का भी प्रायोजक बन गया है.

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