
Military Exercise: हार्ट, फेफड़े और मसल्स को मजबूत बनाएगी ये मिलिट्री एक्सरसाइज, मिलेंगे कई फायदे
AajTak
सैनिकों को ट्रेनिंग के दौरान कराई जाने वाली एक्सरसाइज रकिंग पिछले कुछ समय में फिटनेस फ्रीक्स वर्स के बीच ट्रेंड बनकर उभरी है. इस एक्सरसाइज को रकिंग कहते हैं. रकिंग के फायदे स्टोरी में जानेंगे.
मिलिट्री की फिटनेस का कोई तोड़ नहीं होता. वे लोग काफी फिट होते हैं क्योंकि फिटनेस का ख्याल रखना उनके रूटीन का हिस्सा है. मिलिट्री ट्रेनिंग में एक एक्सरसाइज कराई जाती है जो पिछले कुछ समय से ट्रेंड में है. इस एक्सरसाइज को रकिंग कहते हैं. इस एक्सरसाइज के दौरान शरीर पर एक्स्ट्रा वजन लादकर चलना होता है. यह एक्सरसाइज ना केवल हार्ट को मजबूत करती है बल्कि फेफड़े और मसल्स के लिए भी अच्छी मानी जाती है. आप भी इस एक्सरसाइज को डेली रूटीन में शामिल करते हैं.
क्या होती है रकिंग एक्सरसाइज?
मिलिट्री के लोगों का जो बैग होता है उसे रक सैक कहते हैं और इसी बैग में वजन रखकर पैदल चला जाता है. इसलिए इसके नाम पर ही एक्सरसाइज का नाम पड़ा 'रकिंग'. इस एक्सरसाइज में 'रक प्लेट्स' को बैग में रखा जाता है और फिर उसे पीठ पर लादकर चलना होता है. रकिंग काफी लंबे समय से सैन्य प्रशिक्षण का हिस्सा रही है.
पूर्व रॉयल मरीन कमांडो और आउटडोर और माउंटेन क्लोथिंग ब्रांड, जोट्टनार के को-डायरेक्टर टॉमी केली का कहना है, 'हम रॉयल मरीन में इसे 'यॉम्पिंग' के रूप में जानते थे. यह भारी किट, कभी-कभी 60 किलो तक की हो जाती थी और इसे काफी दूर या मुश्किल इलाके में ले जाना होता था. जब भी मैं इसके बारे में सोचता हूं तो मेरे पैर और घुटने में दर्द महसूस होने लगता है.'
क्या आपको कोई स्पेशल किट लेनी होगी?
वेल्स ऑनलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, इस एक्सरसाइज को आम लाइफस्टाइल वाले लोग यदि करते हैं तो उन्हें रकिंग बैग और प्लेट्स की जरूरत नहीं है लेकिन ध्यान रखें खराब क्वालिटी वाले बैग में वजन रखने से चोट लग सकती है और खराब फिटिंग वाला रकसैक जिसमें वजन रखा हुआ है वो आपकी पीठ, घुटने और नेक दर्द का कारण बन सकता है.

कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव पिछले साल गोल्ड तस्करी मामले में गिरफ्तार हुई थी. तब इस बात से सनसनी फैल गई थी कि उनके पिता कर्नाटक के डीजीपी हैं और इसका रोब दिखाते हुए वह एयरपोर्ट से घर जाने के लिए स्थानीय पुलिसकर्मियों का सहयोग लेती थी. अब वही डीजीपी पिता रामचंद्र राव महिलाओं के साथ आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद सुर्खियों में हैं और एक बार फिर से रान्या राव की चर्चा शुरू हो गई है.

'भारत से प्यार है, लेकिन अमेरिका ने मेरी जिंदगी बदल दी'... अमेरिका में रहने वाले युवक की पोस्ट वायरल
वेणु अमेरिका में रहते हैं और एक इंवेस्टर हैं. उन्होंने बताया कि अमेरिका आने के बाद उनकी सोच और जिंदगी बदल गई. यहां मेहनत, अनुशासन और धैर्य की बहुत कद्र होती है. जो ईमानदारी से मेहनत करता है और जोखिम लेने को तैयार है, वह आगे बढ़ सकता है.

चांदी की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 19 जनवरी 2026 को चांदी तीन लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई. 2004 में चांदी की कीमत मात्र दस हजार रुपये प्रति किलो थी, जो अब तीन सौ गुना बढ़ चुकी है. अगर ये रफ्तार जारी रही तो 2030 तक चांदी बारह लाख रुपये प्रति किलो, 2040 तक एक करोड़ और 2050 तक तीन से पाँच करोड़ रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है.










