
Maharashtra: मराठा आरक्षण के बाद अब उठी OBC रिजर्वेशन की मांग, अजित पवार के घर के सामने प्रदर्शन
AajTak
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण के बाद अब ओबीसी आरक्षण की मांग उठने लगी है. इस मांग को लेकर कुछ ओबीसी संगठनों ने गुरुवार को बारामती में डिप्टी सीएम अजित पवार के घर के बाहर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की.
महाराष्ट्र में मराठा समुदाय को आरक्षण मिलने के बाद अब ओबीसी संगठन भी आरक्षण की मांग को लेकर आक्रामक हो गए हैं. बारामती में डिप्टी सीएम अजित पवार के घर के सामने ओबीसी समाज के कार्यकर्ताओं द्वारा आज धरना-प्रदर्शन किया गया. ओबीसी समाज के संगठनों द्वारा यह धरना प्रर्दशन सांसदों और विधायकों के घर के सामने दिया जा रहा है.
महाराष्ट्र सरकार पर लगाया आरोप
बारामती में यह धरना प्रदर्शन डिप्टी सीएम अजित पवार के घर के सामने किया गया. ओबीसी कार्यकर्ताओं ने मार्च निकालकर अपनी आरक्षण की मांग को दोहराया और मार्च में शामिल सभी कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की. ओबीसी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि, महाराष्ट्र की सरकार ओबीसी समुदाय पर अन्याय कर रही है.
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार ने मराठा समुदाय को आरक्षण दिलाने के लिए ओबीसी समाज पर अन्याय किया है यह ओबीसी समाज बर्दाश्त नहीं करेगा.
मराठा आरक्षण को लेकर सरकार में दोफाड़
आपको बता दें कि महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर शिंदे सरकार में दोफाड़ जैसे हालात बन गए हैं. राज्य सरकार में मंत्री और वरिष्ठ ओबीसी नेता छगन भुजबल ने रविवार को बड़ा ऐलान किया है. भुजबन ने कहा, मराठा आरक्षण के संबंध में राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ एक फरवरी को विधायकों, सांसदों और तहसीलदारों के आवासों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. भुजबल ने यहां अपने आधिकारिक आवास पर एक बैठक की, जिसमें ओबीसी विधायकों, नेताओं और अन्य लोगों ने हिस्सा लिया.

इंदौर के सर्राफा बाजार में लकड़ी की फिसलने वाली गाड़ी, पीठ पर टंगा बैग और हाथों में जूते लेकर घिसटकर चलता मांगीलाल जिसे भी दिखाई देता, वह सहानुभूति में उसे पैसे दे देता. लेकिन यही मांगीलाल तीन पक्के मकानों, तीन ऑटो और एक डिजायर कार का मालिक है. इतना ही नहीं, वह लोगों को ब्याज पर पैसा भी देता था. इस खुलासे ने सबको चौंका दिया.

बेंगलुरु में रोड रेज की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है. सड़क पर मामूली बात को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया. इसी दौरान एक युवक अचानक अपना आपा खो बैठा और उसने सड़क पर ही चाकू निकाल लिया. आरोपी गुस्से में चाकू लहराते हुए सामने वाले को धमकाने लगा. वह सड़क पर खुलेआम हथियार दिखाकर डराने की कोशिश करता रहा, जिससे वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई. कुछ देर के लिए सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए पीछे हटने लगे. वीडियो में आरोपी का आक्रामक रवैया और चाकू लहराने की हरकत साफ तौर पर देखी जा सकती है फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.

देश के अलग-अलग राज्यों से आग की भयावह घटनाएं सामने आई हैं, जिसने एक बार फिर सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. गुजरात के खेड़ा जिले में भोपाल जा रहे एक कंटेनर ट्रक में अचानक आग लग गई, जिसमें मारुति कंपनी की 8 नई कारें पूरी तरह जलकर राख हो गईं. उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एक फर्नीचर गोदाम में भीषण आग लगने से लाखों रुपये का तैयार माल नष्ट हो गया. झारखंड के रामगढ़ जिले में देर रात बोरा फैक्ट्री में आग लगने से फैक्ट्री पूरी तरह खाक हो गई, आग की लपटें दूर तक दिखाई दीं और आसपास के घरों को भी नुकसान पहुंचा. वहीं जयपुर–दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर गैस टैंकर और ट्रेलर की टक्कर के बाद केमिकल से भरे टैंकर में आग भड़क उठी, जिससे हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई. वहीं रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भीषण आग लग गई, जहां भंडार कक्ष में रखी कई अहम फाइलें जलकर खाक हो गईं. राहत की बात यह रही कि इन सभी घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को गाजा शांति बोर्ड का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया है. व्हाइट हाउस ने पीएम मोदी के नाम एक पत्र जारी किया है. खत में लिखा है कि भारत गणराज्य के प्रधानमंत्री के रूप में आपको मध्य पूर्व में शांति को सुदृढ़ करने और वैश्विक संघर्षों के समाधान के लिए एक साहसिक नए दृष्टिकोण को अपनाने के इस ऐतिहासिक और भव्य प्रयास में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हुए अत्यंत गर्व हो रहा है. यह बोर्ड अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना का दूसरा चरण है, जिसका उद्देश्य इस्राइल-हमास युद्ध को पूरी तरह से समाप्त करना है.

हिमालयी क्षेत्रों में आज से एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिससे पहाड़ी इलाकों भारी बर्फबारी होगी तो वहीं इसका असर मैदानी इलाकों में भी दिखेगा. मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से दिल्ली, राजस्थान, पंजाब के कई इलाकों में अच्छी बारिश हो सकती है. वहीं, दिल्ली-NCR में घना कोहरा और प्रदूषण का स्तर 'गंभीर' श्रेणी में बना हुआ है.

दिल्ली–देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे लगभग बनकर तैयार है. 210 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली से देहरादून का सफर 6–7 घंटे से घटकर करीब 2.5 घंटे का रह जाएगा. करीब 11 हजार 970 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे पर आधुनिक सुविधाएं, एलिवेटेड सड़कें और वाइल्डलाइफ सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं.







