
Lebanon Pager Blast: हैकिंग, चिप बम और मोसाद की तबाही वाली प्लानिंग... लेबनान पेजर अटैक पर उठ रहे 11 सवालों के पढ़ें जवाब
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Lebanon Pager Explosion: लेबनान में हजारों पेजर ब्लास्ट होने से 11 लोग मारे गए. 4000 से ज्यादा जख्मी बताए जा रहे हैं. पेजर हैक हुए. उसमें चिप बम लगाई. या इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने पेजर कंपनियों की सप्लाई चेन को प्रभावित किया. इस पर उठ रहे इन 11 सवालों के जवाब जानिए...
इजरायल और हमास की जंग में बीच में कूदे लेबनान और उसके हिजबुल्लाह लड़ाकों पर मंगलवार को एक नए तरह का हमला हुआ. अचानक लेबनान और सीरिया के कई शहरों में हिजबुल्ला लड़ाकों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे हजारों पेजर फट गए. जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई और 4000 से अधिक लोग जख्मी हुए हैं.
इस हमले के पीछे इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद का हाथ होने का शक लेबनान को है. हमले के इस नए तरीके को लेकर कई सवाल लोगों के मन में हैं. लोग जानना चाहते हैं कि कैसे संभव हुआ होगा ये. हैकिंग, चिप बम या और कौन सा तरीका है जिसका इस हमले में इस्तेमाल हुआ होगा. हम आपको बताते हैं बड़े 11 सवालों के जवाब.
1. पेजर ब्लास्ट के पीछे किस तरह की तकनीक और साइंस है?
पेजर साधारण रेडियो डिवाइसेस होते हैं. जिनसे छोटे संदेश या सिग्नल हासिल किए जाते हैं. इनका इस्तेमाल खासतौर की रेडियो फ्रिक्वेंसी के जरिए होता है. अगर किसी को ऐसे यंत्रों में विस्फोट करने है तो उसे रिमोट से ट्रिगर होने वाले एक्सप्लोसिव का इस्तेमाल करना होगा. जिसे पहले से पेजर में छिपाया गया हो. लेकिन इसके लिए जरूर है कि पेजर लोगों तक पहुंचने से पहले कंपनी में ही टेंपर किए गए हों. या फिर पेजर के अंदर कोई हथियार छिपाया जाए. वो भी चुपके से.
इस तरह के अटैक फ्रिक्वेंसी जाम करके, हैकिंग या वायरलेस सिग्नल कंट्रोल के जरिए भी हो सकते हैं. इसके लिए रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटीफिकेशन (RFID) का इस्तेमाल किया जाता है. वायरलेस कम्यूनिकेशन प्रोटोकॉल्स को खराब किया जाता है. या फिर पेजर की तकनीक का ही सहारा लेकर उसमें रखे विस्फोटक को ट्रिगर किया जाता है. यह सबसे एडवांस इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर है.
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