
JKCA चुनाव में धोखाधड़ी के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, नतीजों पर फिलहाल लगाई रोक
AajTak
शीर्ष अदालत ने इस मामले में जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन को नोटिस जारी करते हुए चुनाव अधिकारी से चार हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. अब इस याचिका पर अगली सुनवाई 6 फरवरी को होगी.
जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) के चुनावों में कथित धोखाधड़ी और वोटर लिस्ट में हेरफेर के गंभीर आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम कदम उठाया है. शीर्ष अदालत ने इस मामले में जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन को नोटिस जारी करते हुए चुनाव अधिकारी से चार हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही कोर्ट ने अगली सुनवाई तक चुनाव परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी है.
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए इसे गंभीर प्रकृति का बताया और कहा कि आरोपों की गहन जांच आवश्यक है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक इस मामले में स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक चुनावी प्रक्रिया को आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा. अब इस याचिका पर अगली सुनवाई 6 फरवरी को होगी.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े 19 मान्यता प्राप्त क्रिकेट क्लबों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर राज्य संघ के चुनावों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया है. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि चुनावी वोटर रोल में जानबूझकर हेरफेर की गई और कई योग्य क्लबों को मतदान प्रक्रिया से बाहर रखा गया, जबकि अपात्र लोगों को वोटर लिस्ट में शामिल किया गया.
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि लोकपाल के आदेशों की खुलेआम अनदेखी की गई है. क्लबों का दावा है कि जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के प्रभारी अधिकारियों और बीसीसीआई की एक उप-समिति के कुछ सदस्यों ने मिलकर राज्य क्रिकेट संघ पर कब्जा कर रखा है और चुनावी प्रक्रिया को अपने हित में प्रभावित किया गया.
याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि यदि निष्पक्ष चुनाव नहीं कराए गए तो इससे न केवल क्रिकेट प्रशासन की साख को नुकसान पहुंचेगा, बल्कि जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट के भविष्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा. उनका कहना है कि पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि स्थानीय खिलाड़ियों और क्लबों को न्याय मिल सके.

हमास और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के बीच बढ़ती सांठगांठ चिंता का विषय है. हमास नेता नाजी जहीर ने LeT से जुड़ी PMML की बैठक में हिस्सा लिया है. भारतीय एजेंसियां नजर रख रही हैं. पाकिस्तान ISI बांग्लादेश में भारत-विरोधी नेटवर्क सक्रिय कर रहा है. ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन से युवाओं को उकसाया जा रहा है. भारत की सुरक्षा पर खतरा बढ़ सकता है.

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में चौंकाने वाली घटना सामने आई है. अपने पिता के खिलाफ एक युवक शिकायत दर्ज कराने कमिश्नर ऑफिस पहुंचा था. बाहर निकलते ही उसने कमिश्नर दफ्तर परिसर से एक पुलिसकर्मी की बाइक चोरी कर ली. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने कुछ ही घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर बाइक बरामद कर ली है.

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की समस्या पुरानी और गंभीर होती जा रही है. सर्दियों में वायु गुणवत्ता बिगड़ने पर GRAP लागू होता है, जिसमें निर्माण और वाहनों पर रोक लगाई जाती है, लेकिन इससे स्वच्छ हवा नहीं मिल सकी. सुप्रीम कोर्ट ने CAQM की कार्यप्रणाली पर कड़ी आलोचना की, इसे प्रदूषण के मूल कारणों को न समझने और स्थायी समाधान न देने का दोषी ठहराया.

केरल से क्रूरता का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. कांजीकोड इलाके में पांच साल की मासूम बच्ची को बिस्तर गीला करने की सजा इतनी बेरहमी से दी गई कि उसकी सौतेली मां ने उसके प्राइवेट पार्ट्स को गर्म करछुल से जला दिया. घटना का खुलासा तब हुआ, जब आंगनबाड़ी वर्कर ने बच्ची को दर्द में देखा और पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने आरोपी महिला को अरेस्ट कर लिया है.









