
India vs New Zealand CT Final: सबको हराया, न्यूजीलैंड को फिर हराएंगे... दुबई में चैम्पियन बनेगी रोहित ब्रिगेड, 25 साल बाद हिसाब होगा बराबर
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भारत-न्यूजीलैंड की टीमें आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में साल 2000 में एक दूसरे के आमने-सामने आईं थीं, तब न्यूजीलैंड ने इस खिताब को जीता था. ऐसे में सवाल है क्या भारतीय टीम उस पुरानी हार का बदला ले पाएगी?
ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में भारत बनाम न्यूजीलैंड की भिड़ंत दुबई में रविवार (9 मार्च) को होनी है. भारतीय टीम ने चैम्पियंस ट्रॉफी में अपने सभी 4 मैच जीते हैं. वहीं न्यूजीलैंड की टीम को एकमात्र हार लीग मैचों में भारत से ही मिली है. साल 2000 में भी दोनों देश इसी टूर्नामेंट में एक दूसरे के फाइनल में आमने-सामने आए थे. तब न्यूजीलैंड ने भारत को हराकर अपनी पहली ICC ट्रॉफी जीती थी.
ऐसे में भारतीय टीम के पास साल 2000 का हार लेने का बदला लेने का भी समय है. तब भारत और न्यूजीलैंड की टीमें चैम्पियंस ट्रॉफी 2000 के फाइनल में आमने-सामने थीं. 15 अक्टूबर 2000 को नैरौबी में यह फाइनल हुआ. उस मुकाबले में भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने 119 रनों की पारी खेली, सचिन तेंदुलकर ने 69 रन बनाए और भारतीय टीम ने 264/6 का स्कोर खड़ा किया.
फिर कीवी टीम ने रनचेज शुरू किया, भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत में ही कीवियों की कमर तोड़ दी. क्रेग स्पीयरमैन (3) कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग (5) दोनों को वेंकटेश प्रसाद ने आउट किया. 132 के स्कोर तक आते-आते न्यूजीलैंड के पांच विकेट गिर हो गए.
पर यहीं से ऑलराउंडर क्रिस केयर्न्स और क्रिस हैरिस (46) ने ऐसा खूंटा गाड़ा कि अपनी टीम को जीत दिलाकर ही दम ली. केयर्न्स 102 रनों पर नाबाद लौटे. इस तरह न्यूजीलैंड ने पहली बार कोई ICC का टूर्नामेंट जीता. यह पहली बार था जब न्यूजीलैंड ने भारत का सपना किसी ICC टूर्नामेंट में तोड़ा था.
कब-कब न्यूजीलैंड ने तोड़ा ICC टूर्नामेंट में भारत का सपना?
कीवी टीम ने साल 2000 में पहली बार तब भारतीय टीम का सपना तोड़ा था. 2019 के वर्ल्ड कप सेमीफाइनल मे दूसरी बार उन्होंने भारतीय टीम का सपना तोड़ा था. न्यूजीलैंड ने भारत को हराकर तीसरी बार वनडे वर्ल्ड चैम्पियन बनने का सपना तोड़ दिया था. यह मुकाबला महेंद्र सिंह धोनी का भी आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला बन गया था. इस मैच में न्यूजीलैंड की टीम 239/8 पर सिमट गई थी.

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












