
IND vs AUS: 'मुश्किल विकेट...', सेमीफाइनल में हार के बाद कंगारू कप्तान स्टीव स्मिथ का छलका दर्द, बताया कहां रह गई कमी
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भारत के खिलाफ चैम्पियंस ट्रॉफी सेमीफाइनल में हार के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ काफी निराश दिखे. पैट कमिंस के इंजर्ड होने के चलते स्मिथ इस टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.
भारतीय टीम शानदार प्रदर्शन करते हुए आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में पहुंच चुकी है. 4 मार्च (मंगलवार) को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से पराजित किया. इस मुकाबले में भारत को 265 रनों का टारगेट मिला था, जिसे उसने 11 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया.
हार के बाद स्टीव स्मिथ का छलका दर्द
सेमीफाइनल में हार के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ काफी निराश दिखे. पैट कमिंस के इंजर्ड होने के चलते स्मिथ इस टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. स्मिथ ने कहा कि यह मुश्किल विकेट था और बैटिंग की परिस्थिति आसान नहीं था. स्मिथ का मानना था कि यदि उनकी टीम 280 से ज्यादा रन बनाती, मैच का नतीजा अलग भी हो सकता था.
स्टीव स्मिथ ने कहा, 'मुझे लगता है कि गेंदबाजों ने वाकई अच्छा काम किया, उन्होंने पूरे मैच में कड़ी मेहनत की. स्पिनरों ने दबाव बनाया और खेल को जितना संभव था उससे कहीं ज्यादा गहराई तक ले गए. बल्लेबाजी के लिए यह एक मुश्किल विकेट था और कई बार स्ट्राइक रोटेट करना मुश्किल था. सच कहूं तो विकेट पूरे मैच में एक जैसा ही रहा.'
स्मिथ कहते हैं, 'यह बल्लेबाजी के लिए आसान स्थिति नहीं थी. हम शायद कुछ और रन बना सकते थे. हमने महत्वपूर्ण समय पर कुछ विकेट खो दिए. अगर हम 280+ रन बनाते, तो चीजें अलग हो सकती थीं. हमेशा ऐसा लगा कि खेल के हर फेज में हमने एक विकेट ज्यादा खोए. अगर हम किसी एक साझेदारी को और आगे बढ़ा पाते, तो शायद हम 280 रन तक पहुंच पाते, फिर थोड़ा और दबाव बनता.'
स्मिथ ने बताया, 'हमारा गेंदबाजी आक्रमण काफी अनुभवहीन था, लेकिन उन्होंने इस मैच में शानदार प्रदर्शन किया. कुछ बल्लेबाजों ने वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया और बड़े स्कोर बनाए. इंग्लैंड के खिलाफ उस मुकाबले में हमने असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया. कुछ बेहतरीन प्रदर्शन की झलकियां भी देखने को मिलीं. चेंज रूम में कुछ बेहतरीन क्रिकेटर थे और वे आगे और बेहतर होते जाएंगे.'

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