
IDF ने नष्ट की हिज्बुल्लाह की 250 मीटर लंबी सुरंग, इजरायल का दावा- 7 अक्टूबर जैसे हमले की थी तैयारी
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IDF Destroys Hezbollah Tunnel: माना जाता है कि इस सुरंग का निर्माण बड़े पैमाने पर हमले करने के इरादे से किया गया था, जो दक्षिणी इजरायल पर 7 अक्टूबर को हुए हमले की याद दिलाता है. आईडीएफ ने इस पूरी सुरंग को ध्वस्त कर दिया है.
हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल के हमले जारी है. इस बीच इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने कहा कि उसने देश की उत्तरी सीमा के नजदीक 250 मीटर लंबी हिज्बुल्लाह की एक सुरंग को नष्ट कर दिया है, जिसका उद्देश्य इज़रायल पर 7 अक्टूबर जैसा हमला करना था.
आईडीएफ ने एक बयान में कहा कि इसी सप्ताह के अंत में एक निर्णायक अभियान के तहत आईडीएफ ने इजरायल की उत्तरी सीमा के पास 250 मीटर लंबी हिज़्बुल्लाह सुरंग को खोज निकाला और उसे नष्ट कर दिया. माना जा रहा है कि इस सुरंग का निर्माण बड़े पैमाने पर आराम से हमले करने के इरादे से किया गया था, जो दक्षिणी इजरायल पर 7 अक्टूबर को हुए हमले की याद दिलाता है.
इजरायल बोला- कीमत चुकानी होगी इजरायली प्रवक्ता ने कहा, "इस सुरंग को उत्तरी इजरायल में आने वाले 7 अक्टूबर को हमला करने के लिए डिज़ाइन किया गया था. लेकिन कोई भी ऐसी गलती न करें. जो लोग इजरायल के लोगों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी." यह ऑपरेशन हिज़्बुल्लाह से खतरों को बेअसर करने और अपने नागरिकों की सुरक्षा की दिशा में इजरायल द्वारा उठाया गया सबसे ताजा प्रयास है.
वहीं इजरायली वायुसेना ने दावा किया है कि उसने लेबनान के इलाके से हुए हवाई हमलों को रोक दिया है. वायुसेना को हमले का अलर्ट मिला था और तुरंत एक्टिव हुई है. हमले इजरायली क्षेत्र तक नहीं पहुंच सके जिसकी वजह से कोई हताहत नहीं हुआ.यह भी पढ़ें: उत्तर कोरिया की मदद से हिज्बुल्लाह ने कैसे बिछाया 'टेरर टनल' का जाल? इजरायल के लिए सबसे बड़ी चुनौती
दुनियाभर में प्रदर्शन
इस बीच शनिवार को दुनिया भर के प्रमुख शहरों में हजारों प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर गाजा और मध्य पूर्व में हो रहे संघर्ष को समाप्त करने की मांग की. लगभग 40,000 फिलिस्तीनी समर्थक प्रदर्शनकारियों ने मध्य लंदन में मार्च किया, जबकि हजारों लोग पेरिस,बर्लिन, रोम, मनीला, केप टाउन और न्यूयॉर्क शहर में भी एकत्र हुए. वाशिंगटन में व्हाइट हाउस के पास भी प्रदर्शन हुए, जिसमें गाजा और लेबनान में सैन्य अभियानों में इजरायल के लिए अमेरिकी समर्थन का विरोध किया गया.

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