Hanuman Jayanti 2026: कोसों दूर रहेगा दुख-संकट, आज जरूर करें श्री हनुमान बाहुक का पाठ
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आज हनुमान जयंती है. इस दिन भक्त पूरी श्रद्धा के साथ हनुमान जी की पूजा करते हैें. कई लोग श्री हनुमान बाहुक का पाठ भी करते हैं, जिसे तुलसीदास ने रचा था. मान्यता है कि इसके पाठ से शारीरिक और मानसिक कष्ट दूर होते हैं.
आज हनुमान जयंती है. इस दिन हनुमान जी के भक्त बजरंगबली की विधिवत पूजा करते हैं और उन्हें तरह-तरह के भोग अर्पित करते हैं. कुछ लोग श्री हनुमान बाहुक का पाठ भी करते हैं. हनुमान बाहुक एक शक्तिशाली स्तोत्र है, जिसकी रचना गोस्वामी तुलसीदास ने की थी. मान्यता है कि इसका पाठ करने से व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक पीड़ा से मुक्ति मिल जाती है. हनुमान बाहुक का पाठ लोग बड़ी ही श्रद्धा और विश्वास के साथ करते हैं.
छप्पय सिंधु-तरन, सिय-सोच-हरन, रबि-बाल-बरन तनु । भुज बिसाल, मूरति कराल कालहुको काल जनु ।। गहन-दहन-निरदहन लंक निःसंक, बंक-भुव । जातुधान-बलवान-मान-मद-दवन पवनसुव ।। कह तुलसिदास सेवत सुलभ सेवक हित सन्तत निकट । गुन-गनत, नमत, सुमिरत, जपत समन सकल-संकट-विकट ।।१।।
स्वर्न-सैल-संकास कोटि-रबि-तरुन-तेज-घन । उर बिसाल भुज-दंड चंड नख-बज्र बज्र-तन ।। पिंग नयन, भृकुटी कराल रसना दसनानन । कपिस केस, करकस लँगूर, खल-दल बल भानन ।। कह तुलसिदास बस जासु उर मारुतसुत मूरति बिकट । संताप पाप तेहि पुरुष पहिं सपनेहुँ नहिं आवत निकट ।।२।।
झूलना पंचमुख-छमुख-भृगु मुख्य भट असुर सुर, सर्व-सरि-समर समरत्थ सूरो । बाँकुरो बीर बिरुदैत बिरुदावली, बेद बंदी बदत पैजपूरो ।। जासु गुनगाथ रघुनाथ कह, जासुबल, बिपुल-जल-भरित जग-जलधि झूरो । दुवन-दल-दमनको कौन तुलसीस है, पवन को पूत रजपूत रुरो ।।३।।
घनाक्षरी भानुसों पढ़न हनुमान गये भानु मन-अनुमानि सिसु-केलि कियो फेरफार सो । पाछिले पगनि गम गगन मगन-मन, क्रम को न भ्रम, कपि बालक बिहार सो ।। कौतुक बिलोकि लोकपाल हरि हर बिधि, लोचननि चकाचौंधी चित्तनि खभार सो। बल कैंधौं बीर-रस धीरज कै, साहस कै, तुलसी सरीर धरे सबनि को सार सो ।।४।।
भारत में पारथ के रथ केथू कपिराज, गाज्यो सुनि कुरुराज दल हल बल भो । कह्यो द्रोन भीषम समीर सुत महाबीर, बीर-रस-बारि-निधि जाको बल जल भो ।। बानर सुभाय बाल केलि भूमि भानु लागि, फलँग फलाँग हूँतें घाटि नभतल भो । नाई-नाई माथ जोरि-जोरि हाथ जोधा जोहैं, हनुमान देखे जगजीवन को फल भो ।।५

Hanuman Jayanti 2026 Shubh Muhurat: भगवान राम के परम भक्त हनुमान जी की महिमा अनोखी मानी जाती है. उनकी ताकत और पराक्रम की तुलना किसी से नहीं की जा सकती है. ऐसा विश्वास है कि जब भी जीवन में परेशानी या संकट आता है, हनुमान जी का स्मरण करने से राह आसान होने लगती है. खासकर हनुमान जयंती के दिन उनकी पूजा और भक्ति करना बेहद शुभ माना जाता है, जिससे मन को शांति और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा मिलती है.












