
Gaganyaan Mission Test Flight Updates: अंतरिक्ष में भारत के लिए बड़ा दिन, श्रीहरिकोटा से कुछ ही देर में लॉन्च होगी गगनयान की पहली टेस्ट फ्लाइट
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अतंरिक्ष के क्षेत्र में भारत के लिए आज का दिन बेहद खास है. अंतरिक्ष में भारत एक बड़ी छलांग लगाने जा रहा है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से गगनयान मिशन के लिए अब से कुछ देर में मानवरहित उड़ान लॉन्च करेगा.
चंद्रयान-सूर्ययान के बाद अब इसरो गगनयान की लॉन्चिंग के जरिए इतिहास रखने जा रहा है. अब से कुछ देर बाद श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इसरो गगनयान के क्रू मॉड्यूल को लॉन्च करेगा इसे टेस्ट व्हीकल अबॉर्ट मिशन-1 (Test Vehicle Abort Mission -1) कहा जा रहा है. साथ ही इसे टेस्ट व्हीकल डेवलपमेंट फ्लाइंट (TV-D1) भी कहा जा रहा है.
टेस्ट व्हीकल एस्ट्रोनॉट के लिए बनाए गए क्रू मॉड्यूल को अपने साथ ऊपर ले गया. रॉकेट क्रू मॉड्यूल को लेकर साढ़े सोलह किलोमीटर ऊपर जाएगा और फिर बंगाल की खाड़ी में लैंड करेगा.
तय होगी भविष्य की रूपरेखा
इस टेस्ट उड़ान की सफलता गगनयान मिशन के आगे की सारी प्लानिंग की रूपरेखा तय करेगी. इसके बाद एक अगले साल एक और टेस्ट फ्लाइट होगी जिसमें ह्यूमेनॉयड रोबोट व्योममित्र को भेजा जाएगा. अबॉर्ट टेस्ट का मतलब होता है कि अगर कोई दिक्कत हो तो एस्ट्रोनॉट के साथ ये मॉड्यूल उन्हें सुरक्षित नीचे ले आए.
इसरो ने बताया कि ‘क्रू मॉड्यूल’ (जिसमें अंतरिक्ष यात्री सवार होंगे) और चालक बचाव प्रणाली से लैस एकल-चरण तरल प्रणोदन रॉकेट अंतरिक्ष केंद्र के पहले प्रक्षेपण तल से रवाना किया जाएगा परीक्षण यान मिशन का उद्देश्य अंततः गगनयान मिशन के तहत भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी पर वापस लाने के लिए क्रू मॉड्यूल और चालक बचाव प्रणाली के सुरक्षा मानकों का अध्ययन करना है.
गगनयान मिशन का लक्ष्य

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