
Explainer: कांग्रेस में अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले इलेक्टोरल रोल पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
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कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए 17 अक्टूबर को चुनाव होना है. 19 अक्टूबर को नतीजे आएंगे. लेकिन इससे पहले ही कांग्रेस में बागी सुर भी सुनाई देने लगे हैं. कांग्रेस नेता मनीष तिवारी, शशि थरूर और कार्ति चिदंबरम ने इलेक्टोरल रोल पब्लिक करने की मांग की है. कांग्रेस ने इनकी इस मांग को खारिज कर दिया है.
कांग्रेस में नए अध्यक्ष के चुनाव से पहले ही विवाद होने लगा है. पार्टी के कई नेताओं ने इलेक्टोरल रोल को सार्वजनिक करने की मांग की थी, जिसे कांग्रेस ने खारिज कर दिया है. कांग्रेस का कहना है कि ये आंतरिक प्रक्रिया है और पार्टी का कोई भी सदस्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ऑफिस से मतदाता सूची ले सकता है.
मनीष तिवारी, शशि थरूर और कार्ति चिदंबरम ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए मतदाता सूची सार्वजनिक करने की मांग की थी.
कांग्रेस के चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, 24 सितंबर से नामांकन दाखिल किए जाएंगे और 17 अक्टूबर को चुनाव होंगे. 19 अक्टूबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे. अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए राहुल गांधी ने अब तक हामी नहीं भरी है. ऐसे में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम इस रेस में सबसे आगे है.
पर इलेक्टोरल रोल पर सवाल क्यों?
- इलेक्टोरल रोल सार्वजनिक करने की मांग कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी, शशि थरूर और कार्ति चिदंबरम की ओर से उठ रही है. मनीष तिवारी का कहना है कि 'फ्री और फेयर' चुनाव के लिए इलेक्टोरल रोल यानी मतदाता सूची को सार्वजनिक किया जाना चाहिए.
- मनीष तिवारी ने कहा कि जब मतदाता सूची सार्वजनिक ही नहीं होगी, तो कोई चुनाव लड़ने का कैसे सोचेगा. उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'मैं मधुसूदन मिस्त्री जी से सम्मान के साथ पूछना चाहता हूं कि बिना इलेक्टोरल रोक को पब्लिक किए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कैसे हो सकता है? स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए प्रतिनिधियों के नाम और पते कांग्रेस की वेबसाइट पर पब्लिकली अवेलेबल होने चाहिए.'

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