
ED ने फरार TMC नेता शाहजहां शेख को भेजा चौथा समन, राशन घोटाला मामले में 29 फरवरी को पूछताछ के लिए बुलाया
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ईडी ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल के राशन वितरण घोटाले में करीब 10 हजार करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है. इस मामले में ईडी ने सबसे पहले बंगाल के पूर्व मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक को गिरफ्तार किया था. उसके बाद जब ईडी की टीम शाहजहां की गिरफ्तारी के लिए गई तो स्थानीय लोगों ने उनके साथ मारपीट की थी.
पश्चिम बंगाल के फरार टीएमसी नेता शाहजहां शेख पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर शिकंजा कसा है. ईडी ने बंगाल राशन वितरण घोटाला मामले में पूछताछ में पेश होने के लिए शाहजहां शेख को चौथा समन जारी किया है.
समन में कहा गया है कि शाहजहां शेख को 29 फरवरी सुबह 11.30 बजे कोलकाता के CGO कॉम्प्लेक्स में पेश होना होगा. बंगाल राशन वितरण घोटाला मामले में टीएमसी नेता के खिलाफ ईडी ने ये चौथा समन जारी किया है.
ईडी ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल के राशन वितरण घोटाले में करीब 10 हजार करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है. इस मामले में ईडी ने सबसे पहले बंगाल के पूर्व मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक को गिरफ्तार किया था. बाद में टीएमसी नेता शाहजहां शेख और बनगांव नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन शंकर आद्या की भी संलिप्तता भी सामने आई. इसी सिलसिले में 5 जनवरी को ईडी की टीम जब शाहजहां शेख के आवास पर छापा मारने पहुंची तो वहां कुछ लोगों ने ईडी के अधिकारियों पर हमला कर दिया था.
स्थानीय लोगों ने अधिकारियों और उनके साथ चल रहे अर्धसैनिक बलों के वाहनों को घेर लिया था. भीड़ ने अधिकारियों की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की थी. इस हमले में ईडी के तीन अधिकारी राजकुमार राम, सोमनाथ दत्त और अंकुर गुप्ता घायल हो गए थे.
'ईडी अधिकारियों के फोन लूट ले गई थी भीड़'
इस घटना में आरोपियों के खिलाफ तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई थी. बंगाल पुलिस ने घटना से संबंधित तीन एफआईआर दर्ज की थीं, इनमें से एक शिकायत स्थानीय लोगों के आधार पर दर्ज की गई थी. आरोप लगाया था कि प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी क्षेत्र में अशांति पैदा कर रहे थे. बाद में कलकत्ता हाई कोर्ट ने दखल दिया और जांच एजेंसी के अधिकारियों के खिलाफ पुलिस की जांच पर 31 मार्च तक रोक लगा दी थी. ईडी का कहना था कि उसके तीन अधिकारी घायल हो गए. उनके मोबाइल फोन, लैपटॉप और वॉलेट उस समय 'लूट' लिए गए.

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