
Delhi: लिफ्ट में फंसे 4 लोग, वहीं कर दी उल्टियां और पेशाब, एक घंटे मुश्किल में रही जान
AajTak
दिल्ली में एक बार फिर लिफ्ट अटकने के कारण चार लोगों की चार पर बन आई. रात के वक्त चार लोग लिफ्ट में फंस गए थे. एक घंटे तक उसी में अटके रहने के कारण उनकी हालत खराब हो गई. फायर टीम ने रेस्क्यू कर सभी को बाहर निकाला.
दिल्ली में एक बार लिफ्ट अटकने से घटना हुई है. गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात करीब 12.30 बजे दिल्ली के कनॉट प्लेस पर मौजूद लिफ्ट में चार लोग फंस गए. करीब एक घंटे तक फंसे रहने के कारण उन लोगों की तबीयत बिगड़ गई और उन लोगों ने लिफ्ट में ही उल्टी और पेशाब कर दिया. फायर डिपार्टमेंट की टीम ने एक घंटे के बाद चारों को लिफ्ट से बाहर निकला.
दरअसल, कनॉट प्लेस पर मौजूद लिफ्ट के बीच में फंसने की जानकारी फायर डिपार्टमेंट को मिली थी. साथ ही बताया गया था कि लिफ्ट में चार लोग मौजूद हैं. सूचना मिलने पर फायर डिपार्टमेंट की टीम तत्काल मौके पर पहुंची थी. इसके बाद उन लोगों का रेस्क्यू शुरू कर दिया गया था. सभी रात के 12.30 बजे के करीब लिफ्ट में अटके थे. एक घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद चारों को लिफ्ट से बाहर निकाला गया था.
लिफ्ट में कर दी थी उल्टी और पेशाब
लिफ्ट में एक घंटे तक फंसे रहने के कारण चारों लोगों की तबीयत बिगड़ गई थी. साइकोलॉजिकल असर होने के कारण उन लोगों ने लिफ्ट में ही उल्टी कर दी थी और पेशाब कर दिया. लिफ्ट से बाहर आने के बाद चारों ने राहत की सांस ली.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.









