
Dangal: क्या 'वंदे मातरम्' बोलने से धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं?
AajTak
आज का सियासी दंगल महाराष्ट्र में फोन पर किए जाने वाले अभिवादन पर है. महाराष्ट्र की सरकार ने 2 अक्टूबर को एक सरकारी संकल्प पारित किया है जिसके मुताबिक महाराष्ट्र के किसी भी सरकारी, अर्ध सरकारी, स्थानीय निकायों और सरकारी मदद से चलने वाले स्कूल-कॉलेजों के लिए एक नियम बनाया है. जिसमें कोई भी अधिकारी कर्मचारी फोन पर हैलो बोलकर अभिवादन नहीं करेगा, बल्कि उसकी जगह वंदे मातरम बोलेगा. इतना ही नहीं आमने-सामने मिलने पर भी हैलो से अभिवादन नहीं करना है बल्कि वंदे मातरम बोलना है. महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले को लेकर समाजवादी पार्टी, AIMIM और कांग्रेस जैसे दलों ने घोर आपत्ति जताई है. क्या फोन पर हैलो की जगह वंदे मातरम बोलने का सरकारी आदेश धार्मिक आधार पर लिया गया है? अंजना ओम कश्यप के साथ देखिए दंगल में चर्चा.

इजरायल अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है, इस युद्ध के चलते भारत में भी ऊर्जा संकट पैदा हो रहा था, इसी संकट को लेकर पीएम मोदी ने आज संसद में पहली बार सार्वजनिक तौर पर बयान दिया. पश्चिम एशिया में जंग के हालातों पर पीएम मोदी ने लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच दी उन्होंने कहा कि तनाव खत्म होना चाहिए. बातचीत से ही समस्या का समाधान है. पीएम ने कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं. होमुर्ज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं होगा ‘सरकार की कोशिश है कि देश में तेल-गैस संकट न हो. इसके लिए 27 की जगह अब 41 देशों से इंपोर्ट कर रहे हैं. पश्चिम एशिया में एक करोड़ भारतीय रहते हैं. उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है.

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.










