
Crime Katha: रसूखदार पिता, कातिल बेटा और नीले ड्रम में लाश... लखनऊ के मानवेंद्र सिंह हत्याकांड की पूरी क्रोनोलॉजी
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लखनऊ में मेरठ जैसी ‘नीले ड्रम’ वाली खौफनाक वारदात ने लोगों को दहशत में डाल दिया है. 21 साल के बेटे अक्षत ने पहले अपने पिता मानवेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या की और फिर उनकी लाश के टुकड़े टुकड़े कर दिए. लाश को ठिकाने लगाने का तरीका बेहद खौफनाक था. पढ़ें पूरी कहानी.
Lucknow Manvendra Singh Murder: अपने पिता के लिए वो जिगर का टुकड़ा था. उनकी उम्मीद और हौसला था. मगर उसी जिगर के टुकड़े ने अपने पापा के टुकड़े-टुकड़े कर दिए. बेटे ने पहले बाप को गोली मारी, फिर उनकी लाश को टुकड़ों में काट डाला. उसी कातिल बेटे ने एसिड वाली खौफनाक साजिश रची. लाश के हाथ-पैर कहीं फेंके, सिर और धड़ नीले ड्रम में बंद कर दिया. दरअसल, यूपी में एक बार फिर मेरठ जैसी नीले ड्रम वाली खूनी साजिश सामने आई है. ये हत्या की ऐसी कहानी है, जिसे सुनकर रूह कांप जाए. ये ऐसा गुनाह है कि यकीन नहीं हो पाए.
बेटे का खूनी खेल मेरठ में करीब साल भर पहले मुस्कान नाम की महिला ने अपने प्रेमी की खातिर अपने पति के टुकड़े-टुकड़े कर दिए थे और उन्हें नीले ड्रम में सीमेंट से जमा दिया था. अब साल भर बाद कुछ वैसी ही सनसनीखेज वारदात लखनऊ में दोहराई गई है. जहां एक बेटे ने ऐसा खूनी खेल खेला है. जिससे एक मजबूत रिश्ता खून-खून हो गया. लखनऊ के रहने वाले शराब कारोबारी और पैथोलॉजी सेंटर के मालिक मानवेंद्र सिंह की बेरहमी से हत्या कर दी गई. बेहद बेरहम तरीके से की गई इस हत्या का इल्जाम किसी और पर नहीं, बल्कि उनके 21 साल के बेटे अक्षत पर ही है.
बेटे ने दर्ज कराई थी शिकायत दरअसल, मानवेंद्र सिंह 20 फरवरी से लापता थे. उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट उनके बेटे अक्षत ने ही दर्ज कराई थी. अक्षत ने पुलिस को बताया था कि 20 फरवरी की सुबह करीब 6 बजे उसके पिता ने उसे जगाकर कहा कि वो दिल्ली जा रहे हैं, 21 फरवरी दोपहर तक लौट आएंगे. लेकिन तब से मानवेंद्र के तीनों मोबाइल फोन बंद हो गए. वो घर वापस नहीं आए.
लंबी पूछताछ में खुला राज पुलिस ने अक्षत की तहरीर पर गुमशुदकी की रिपोर्ट दर्ज की और जांच का काम शुरू किया. पुलिस ने अक्षत का बयान दर्ज किया. लेकिन उसका बयान कुछ सही नहीं लग रहा था. पुलिस को उस पर शक होने लगा. इसी के चलते पूछताछ का सिलसिला लंबा होता गया. जितने सवाल जवाब किए जा रहे थे, आरोपी बेटा फंसता जा रहा था. इसके बाद पुलिस को इस खूनी साजिश का सच उगलवाने में देर नहीं लगी.
20 फरवरी 2026, खूनी सुबह आरोपी अक्षत ने पुलिस को बताया कि 20 फरवरी की सुबह ही उसकी अपने पिता से कहासुनी हो गई थी. इस दौरान उसे इतना गुस्सा आया कि उसने अपने पिता की कनपटी पर बंदूक सटाकर गोली मार दी. नतीजा ये हुआ कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई. अब आरोपी के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि लाश को कैसे ठिकाने लगाया जाए? क्योंकि वह हत्या के बाद सारे सबूत मिटाना चाहता था.
खाली कमरे में किए लाश के टुकड़े लिहाजा, वो अपने पिता की लाश को तीसरे फ्लोर से ग्राउंड फ्लोर के एक खाली कमरे में ले गया. इसके बाद वो बाज़ार जाकर एक लकड़ी काटने वाली आरी लेकर लाया और फिर उसने अपने पिता की लाश टुकड़े कर दिए. कुछ टुकड़ों को कार में भरकर उसने सदरौना इलाके में फेंक दिया.

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