
Corona: मरीजों के दिल पर कैसे हमला कर रहा कोरोना? पहले से 50% ज्यादा खतरनाक
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कोरोना वायरस क्यों युवाओं को अपना शिकार बना रहा है? इस बारे में फॉर्टिस अस्पताल के चेयरमैन डॉ. अशोक सेठ ने कहा कि म्यूटेंट वायरस पिछली बार की तुलना में 50 प्रतिशत ज्यादा संक्रामक हुआ है
कोरोना वायरस की दूसरी लहर युवाओं के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो रही है. कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जहां संक्रमित लोगों में कार्डिएक अरेस्ट और ब्लड क्लॉटिंग की समस्या देखने को मिली है. ऑक्सीजन और दवाओं की कमी से भी हालात बदतर हुए हैं. इस विषय पर मेडिकल एक्सपर्ट्स ने 'आज तक' से बातचीत में विस्तार से जानकारी दी है. कोरोना वायरस क्यों युवाओं को अपना शिकार बना रहा है? इस बारे में फॉर्टिस अस्पताल के चेयरमैन डॉ. अशोक सेठ ने कहा, 'म्यूटेंट वायरस पिछली बार की तुलना में 50 प्रतिशत ज्यादा संक्रामक हुआ है. दूसरा, ज्यादातर युवा ही नौकरी या किसी जरूरी काम से बाहर निकल रहे हैं. इससे उनके संक्रमित होने की संभावना भी बढ़ रही. लिहाजा, इस बार संक्रमितों में युवाओं की संख्या ज्यादा है.' डॉ. सेठ ने आगे कहा, 'दुर्भाग्यवश ये वायरस इंसान के हृदय को भी नुकसान पहुंचा रहा है. ये हृदय में क्लॉटिंग की समस्या को बढ़ा सकता है. यानी हृदय में खून के थक्के जम सकते हैं. ये खून के थक्के फेफड़े और धमनियों में भी जम सकते हैं. ऐसा होने पर रोगियों में हार्ट अटैक की संभावना भी काफी बढ़ जाती है.'
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