
Corona पर Journalists Association की Media को सलाह, ‘भारतीय वेरिएंट’ जैसे शब्दों का न करें इस्तेमाल
Zee News
SAJA ने अपने बयान में कहा है कि पिछले कुछ समय से बीमारियों को देश या समुदाय से जोड़ने की परंपरा बन गई है, जो बिल्कुल भी सही नहीं है. सबसे ताजा उदाहरण COVID-19 का है. इसे ‘चीनी वायरस’ या ‘वुहान वायरस’ जैसे नामों से पुकारा जाता है, जिससे वहां के लोगों के प्रति नफरत बढ़ती है.
न्यूयॉर्क: दक्षिण एशियाई पत्रकार संघ (South Asian Journalists Association-SAJA) ने न्यूज ऑर्गेनाइजेशन को कोरोना वायरस (Coronavirus) का जिक्र करते समय 'इंडियन वेरिएंट' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी है. SAJA ने कहा है कि जब भी भारत में उत्पन्न कोरोना के नए वेरिएंट से जुड़ा समाचार प्रकाशित किया जाए, उसमें 'भारतीय वेरिएंट' जैसे शब्दों का उल्लेख न हो. पत्रकार संघ की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि उसने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा 2015 में जारी बेस्ट प्रैक्टिस को ध्यान में रखते हुए ही भारत का जिक्र न करने की सलाह दी है. WHO ने चेतावनी देते हुए कहा था कि वायरस, बीमारियां या उनके वेरिएंट जिस देश में उत्पन्न हुए हैं, उनके नाम का उल्लेख करने से वहां के लोगों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है.
SU-30MKII को F-35 ने उड़ने तक नहीं दिया! बेस पर ही किया भस्म; वेनेजुएला में अमेरिका और रशिया में जंग
SU-30MKII Vs F35 in War: अमेरिका ने पहले वेनेजुएला की एयर डिफेंस तबाह की, फिर F-35B स्टेल्थ जेट से SU-30MKII को जमीन पर ही नष्ट कर दिया. आसमान साफ होते ही डेल्टा फोर्स ने कराकस में घुसकर राष्ट्रपति मादुरो को दबोच लिया, बिना फुल-स्केल युद्ध छेड़े.

US Air Force B-1B Lancer bombers: B-1B लांसर बॉम्बर्स की तैनाती प्रशांत क्षेत्र में बढ़ाने की तैयारी में है. इसका मुख्य कारण इन विमानों में Long Range Anti-Ship Missile (LRASM) का शामिल किया जाना है. इससे इन्हें दुश्मन के समुद्री बेड़े पर हमला करने की बड़ी क्षमता मिलती है. अमेरिका B-1B बॉम्बर्स को चीन के तेजी से बढ़ते सतह युद्धपोत बेड़े के मुकाबले एक असमान रणनीतिक हथियार के तौर पर देख रहा है.

F-15 Eagle fighter jet: आवाज की रफ्तार से भी तेज और मौत की तरह सटीक, यह एक ऐसे लड़ाकू विमान की कहानी है जिसने आज तक हार का स्वाद नहीं चखा. जब यह आसमान में निकलता है, तो दुश्मन के रडार कांपने लगते हैं और उसके पायलटों के पास केवल भागने का रास्ता बचता है. साल 2025 तक के इतिहास में इस विमान ने 100 से ज्यादा हवाई मुकाबले किए हैं और हर बार यह विजेता बनकर ही लौटा है.




