
'CCTV फुटेज में दिखे कौन थे, कत्ल में इस्तेमाल हथियार कहां?', मुकेश सहनी ने पिता की हत्या पर पुलिस पर उठाए सवाल
AajTak
मुकेश सहनी ने कहा, 'प्रशासन पूरी गंभीरता से काम कर रहा है. हमारी उस पर कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन पुलिस की प्रेस कान्फ्रेंस देखकर मुझे लगा कि कुछ चीजों में जल्दबाजी की जा रही है.' उन्होंने कहा, 'कितनी लोगों ने इसे अंजाम दिया उसका खुलासा नहीं किया गया. ठीक है अगर नाम नहीं बता सकते तो संख्या का तो खुलासा कर ही सकते हैं.'
बिहार पुलिस ने प्रदेश के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी के पिता जीतन सहनी की हत्या के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने बुधवार को इसकी जानकारी दी. मुकेश सहनी ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस कोई दबाव न होने के बावजूद मामले में जल्दबाजी कर रही है.
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस सिर्फ आरोपी के बयान पर भरोसा कर रही है और अभी तक कोई भी उनका बयान दर्ज करने के लिए नहीं आया है. मुकेश सहनी ने कहा कि सब कुछ सामने आना चाहिए और किसी भी निर्दोष व्यक्ति को सजा नहीं मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देने वाले लोग कौन थे, इसकी भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है.
'नाम नहीं तो संख्या का खुलासा तो कर ही सकते हैं'
मुकेश सहनी ने कहा, 'प्रशासन पूरी गंभीरता से काम कर रहा है. हमारी उस पर कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन पुलिस की प्रेस कान्फ्रेंस देखकर मुझे लगा कि कुछ चीजों में जल्दबाजी की जा रही है.' उन्होंने कहा, 'कितनी लोगों ने इसे अंजाम दिया उसका खुलासा नहीं किया गया. ठीक है अगर नाम नहीं बता सकते तो संख्या का तो खुलासा कर ही सकते हैं.'
'जिस हथियार से कत्ल हुआ वो कहां है'
सहनी ने कहा, 'जब आपके पास आरोपी है तो हथियार कहां रखे हैं. जिस हथियार से कत्ल किया गया वो हथियार अभी तक आपने बरामद नहीं किया. मुझे जांच पर कोई संदेह नहीं है लेकिन पुलिस जल्दबाजी न करे. सरकार अपना पल्ला झाड़ने का प्रयास कर रही है.'

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








