
Business Idea: हर महीने 5 लाख की कमाई, इस प्रोडक्ट की खूब है डिमांड, शुरू करें ये कारोबार
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अगर आप कार्टन के कारोबार में कदम रखना चाहते हैं, तो इसके प्रोडक्शन से जुड़ी सभी तरह की जानकारी पहले आपको हासिल कर लेनी चाहिए. मोबाइल से लेकर टीवी, जूते से लेकर कांच के आइटम या फिर ग्रॉसरी की पैकिंग के लिए गत्ते से बने बॉक्स का इस्तेमाल बड़ी मात्रा में हो रहा है.
देश में सरकार ने प्लास्टिक के इस्तेमाल को प्रतिबंधित कर दिया है. प्लास्टिक के थैले से लेकर चाकू तक को बैन कर दिया गया है. प्लास्टिक के बैन से बाद पैकिंग के ऑप्शन के रूप में कार्टन का इस्तेमाल इन दिनों जमकर हो रहा है. हालांकि, कार्टन का इस्तेमाल पहले भी पैकिंग के लिए होता था, लेकिन प्लास्टिक पर लगे बैन के बाद इसकी डिमांड बढ़ गई है. अगर आप इन दिनों बिजनेस की दुनिया में कदम रखना चाहते हैं, तो कार्टन बनाने का कारोबार शुरू कर सकते हैं. जिस तरह से ऑनलाइन शॉपिंग बढ़ रही है. उसकी वजह से कार्टन के बिजनेस में सफलता में तमाम संभावनाएं हैं. क्योंकि ऑनलाइन सामान बेचने वाले सेलर इन दिनों कार्टन में ही प्रोडक्ट डिलीवर कर रहे हैं.
कार्टन बॉक्स की बढ़ रही डिमांड
इन दिनों छोटे-से-छोटे सामानों की ऑनलाइन डिलीवरी की वजह से देश में गत्ते से बने बॉक्स (कार्टन) का यूज काफी बढ़ा है. मोबाइल से लेकर टीवी, जूते से लेकर कांच के आइटम या फिर ग्रॉसरी की पैकिंग के लिए गत्ते से बने बॉक्स का इस्तेमाल बड़ी मात्रा में हो रहा है. इस वजह से कार्टन के कारोबार में सफलता की तमाम संभावनाएं हैं. कई कंपनियां अपने प्रोडक्ट की डिलीवरी के लिए खास तरह के कार्टन बॉक्स का इस्तेमाल करती हैं.
अगर आप कार्टन के कारोबार में कदम रखना चाहते हैं, तो इसके प्रोडक्शन से जुड़ी सभी तरह की जानकारी पहले आपको हासिल कर लेनी चाहिए. आप चाहें तो इसे बिजनेस में कदम रखने सले पहले इसके बारे में पढ़ाई कर सकते हैं. इसके लिए आप इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग से कोर्स करके इस बिजनेस की शुरुआत कर सकते हैं.
कच्चे माल की जरूरत
गत्ते का कार्टन बनाने के लिए मुख्य रूप से क्राफ्ट पेपर का इस्तेमाल किया जाता है. आप जितनी बेहतरीन क्वालिटी के क्रफ्ट पेपर का इस्तेमाल करेंगे. आप उतने ही शानदार कार्टन बना पाएंगे. इसके साथ ही आपको पीले स्ट्रॉबोर्ड, गोंद और सिलाई तार की जरूरत पड़ेगी. इस कारोबार को शुरू करने के लिए आपको सिंगल फेस पेपर कॉरगेशन मशीन, रील स्टैंड लाइट मॉडल के साथ बोर्ड कटर, शीट चिपकाने वाली मशीन, शीट प्रेसिंग मशीन, एसेंट्रिक स्लॉट जैसी मशीनों की जरूरत पड़ेगी.

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












