
Barabanki में थाने के बाहर खेल रहे दो साल के बच्चे को 5 कुत्तों ने नोंचा, हालत गंभीर
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बाराबंकी स्थित पुलिस लाइन में 5 कुत्तों ने दो साल के बच्चे को बुरी तरह नोंच डाला. जिसके बाद बच्चे के पिता और कुछ पुलिसकर्मी वहां पहुंचे. उन्होंने कुत्तों को वहां से भगाया. फिर बच्चे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे. प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टरों ने बच्चे को केजीएमयू के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया. फिलहाल लखनऊ ट्रामा सेंटर में उसका इलाज जारी है.
यूपी के बाराबंकी जिले में गणतंत्र दिवस समारोह के बाद एक दर्दनाक हादसा हो गया. यहां पुलिस लाइन में एक पुलिसकर्मी के दो साल के बच्चे को पांच खुंखार कुत्ते घसीटकर ले गए. फिरे उसे काफी देर तक नोंचते-काटते रहे. जब मासूम की चीख-पुकार उसके पिता और अन्य पुलिसकर्मियों ने सुनी, तब जाकर किसी तरह कुत्तों को भगाया गया.
उन लोगों ने फिर घायल मासूम को आनन-फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया. जहां उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया है. इस घटना के बाद से पुलिस लाइन में रहने वाले कर्मचारी और उनके परिवार काफी डरे हुए हैं. क्योंकि यहां काफी बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते रहते हैं और आए दिन किसी न किसी पर हमला कर देते हैं.
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जानकारी के मुताबिक, हेड कांस्टेबल गौरव तिवारी एएनटीएफ थानाक्षेत्र के पुलिस लाइन में परिवार के साथ रहते हैं. 26 जनवरी के दिन गौरव तिवारी अपने दो साल के बेटे अथर्व को गणतंत्र दिवस समारोह दिखाने के लिए आए थे. इसी दौरान वह अपने बच्चे के साथ थाने पहुंचे और अंदर किसी काम से चले गए. तभी अथर्व खेलता हुआ थाने के बाहर आ गया और पांच खूंखार कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया. कुत्ते मासूम को घसीटते हुए झाड़ियों की तरफ लेकर चले गए. वहीं जब आसपास बेटा नहीं दिखा तो गौरव ने उसकी तलाश शुरू की.
तभी गौरव ने कुत्तों के भौंकने की आवाज और अपने बेटे की चीख-पुकार सुनी. गौरव कुछ पुलिसकर्मियों के साथ उस जगह पहुंचे जहां से आवाजें आ रही थीं. उन्होंने देखा कि कुत्ते बुरी तरह से अथर्व को नोंच रहे हैं. पुलिसकर्मियों ने कुत्तों को वहां से भगाया. फिर गंभीर रूप से घायल अथर्व को लेकर सभी जिला अस्पताल पहुंचे. जहां प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टरों ने अथर्व को केजीएमयू के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया. फिलहाल लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में अथर्व का इलाज जारी है.

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