
Ayodhya: थाईलैंड, मलेशिया से आए फूलों से सजेंगे रामलला, रामनवमी पर होंगे विशेष दर्शन
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राम नवमी पर रामलला के मंदिर और अयोध्या की फूलों से भव्य सजावट की जाएगी. इसके लिए थाईलैंड से ऑर्किड, एनथेरियम, मलेशिया से एलकोनिया, कोलकाता से रजनीगंधा, गेंदा, दिल्ली से गुलाब के फूल पहुंच चुके हैं. साथ ही सूर्य तिलक की अद्भुत घटना भी लोगों का मन मोह लेगी. माना जा रहा है कि इस बार लाखों राम भक्त अयोध्या पहुंचेंगे.
थाईलैंड से ऑर्किड, एनथेरियम, मलेशिया से एलकोनिया, कोलकाता से रजनीगंधा, गेंदा, दिल्ली से गुलाब... राम नवमी पर रामलला के मंदिर और अयोध्या की फूलों से भव्य सजावट की जाएगी. देश विदेश से फूल मंगवाए गए हैं. करीब 350 कारीगर रात-दिन सजावट के काम में लगे हैं.
दर्शनार्थियों के स्वागत के लिए फूलों के द्वार बनाए जा रहे हैं. गर्मी बहुत ज्यादा होने की वजह से इसका खास ध्यान रखा जा रहा है. प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर फूलों की सजावट को बहुत ज्यादा पसंद किया गया था. उसी तरह इस बार भी सजावट की जा रही है. जन्मभूमि पथ पर यात्री सुविधा केंद्र पर देश-विदेश से लाए गए फूलों को सजावट के लिए रखा गया है.
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फ्लावर डेकोरेटर रवि पांडे ने बताया कि कल 17 अप्रैल को रामनवमी है. करीब 500 साल के इंतजार के बाद बने भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद राम जन्म का पहली बार अनुष्ठान होगा. इससे पहले आज अष्टमी पर राम की कुलदेवी बड़ी देवकाली मंदिर में भक्तों को सैलाब उमड़ा है.
वह कहते हैं राम जन्म के बाद माता कौशल्या सबसे पहले राम को लेकर यहीं दर्शन कराने आयी थीं. राम ने वन जाने से पहले और लंका विजय के बाद अयोध्या लौटने पर राम ने यहां अपनी कुलदेवी की पूजा की थी. मंदिर की स्थापना राम के पूर्वज महाराज रघु ने की थी. यहां एक ही शिला पर महाकाली, महा लक्ष्मी और महा सरस्वती के दर्शन होते हैं.
इस बार रामलला का सूर्य तिलक होगा बेहद खास

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