
Auraiya: दो बच्चियों के तालाब में मिले शव, कल शाम खेलने निकलीं फिर हो गईं थीं लापता
AajTak
स्कूल से छुट्टी के बाद 9 और 10 साल की बच्चियां खेलने के लिए घर से निकली थीं. मगर, इसके बाद वे वापस नहीं लौटीं. परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद बच्चियों की तलाश में पुलिस की टीम लगी थी. इसी बीच बच्चियों के शव स्कूल के पास बने तालाब में मिले. घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
उत्तर प्रदेश के औरैया में दो बच्चियों के शव मिलने से हड़कंप मच गया. बच्चियों की उम्र 9 वर्ष और 10वर्ष है और वे तीसरी और चौथी कक्षा की छात्रा थीं. परिजनों का हुआ रो-रो कर बुरा हाल है. बताजा जा रहा है कि छुट्टी होने के बाद बच्चियां स्कूल से घर लौटी थीं. इसके बाद घर से खेलने के लिए बाहर निकलीं, लेकिन फिर लौटकर नहीं आईं.
परिजनों ने सभी जगहों पर तलाश किया, लेकिन कोई खबर नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने मामला दर्ज बच्चियों की तलाश शुरू कर दी थी. हालांकि, उनका कोई पता नहीं चल सका. अगले दिन बच्चियों के शव स्कूल के पीछे तालाब के पास गड्डे में मिले. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को निकलवाया बाहर और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
यह भी पढ़ें- Uttar Pradesh: सपा नेता अभय सिंह को मिली Y श्रेणी की सुरक्षा, राज्यसभा चुनाव में BJP के पक्ष में की थी क्रॉस वोटिंग
घटना फफूंद थाना क्षेत्र के दौलतपुर गांव की है. पुलिस ने बताया कि कक्षा 3 और चार में पढ़ने वाली पायल और मीनाक्षी स्कूल गई हुई थीं. स्कूल की छुट्टी के बाद मीनाक्षी और पायल अपने घर पहुंची. दोनों बच्चियां खेलने के लिए लगभग चार बजे घर के बाहर निकलीं. खेलने के बात जब काफी देर तक जब बच्चियां घर नहीं पहुंची, तो घर वालों को चिंता हुई.
इसके बाद बच्चियों की तलाश शुरू की गई. मगर, उनका कहीं भी पता नहीं लगने पर परिजनों ने पुलिस को जानकारी दी. अगले दिन बच्चियों के शव स्कूल के पास बने तालाब के पास एक गड्डे में दिखाई दिए. पुलिस ने तालाब से शवों को बाहर निकालवाने के बाद पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है.
पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने कहा कि बच्चियों के शव का पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाएगा. इसके बाद जो भी जानकारी सामने आएगी, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. बॉडी पर किसी भी प्रकार के इंजरी मार्क्स नहीं दिखे हैं. बच्चियां जो कपड़े वह पहनकर घर से निकली थीं, वही कपड़े पहने हुए थीं. लिहाजा, प्रथम दृष्टया पानी में डूबने से बच्चियों की मौत होने की आशंका पुलिस जाहिर कर रही है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.










