
ASP दिव्या मित्तल ने वॉयस सैंपल देने से किया इनकार, कोर्ट ने 15 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेजा
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राजस्थान के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की जयपुर टीम ने दो करोड़ की रिश्वत के मामले में एसओजी की एडिशनल एसपी दिव्या मित्तल को अरेस्ट किया था. आज दिव्या मित्तल को अजमेर कोर्ट में पेश किया, जहां दिव्या ने नियमों का हवाला देते हुए वॉयस सैंपल देने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने दिव्या मित्तल को 2 मार्च तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजा है.
राजस्थान में एसओजी की निलंबित एडिशनल एसपी दिव्या मित्तल को न्यायालय ने 15 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है. एसीजेएम कोर्ट में दिव्या मित्तल का वॉइस सैंपल भी लिया जाना था, लेकिन दिव्या मित्तल के वकील ने रिव्यू पिटीशन दायर कर वॉइस सैंपल देने से इंकार कर दिया.
बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के आधार पर दिव्या मित्तल के वकील प्रीतम सोनी ने एक रिव्यू पिटीशन दायर की थी, जिसमें कई तकनीकी कारणों का भी उल्लेख किया गया है. इसके चलते दिव्या मित्तल के वॉइस सैंपल नहीं हो सके.
दिव्या मित्तल की ओर से अग्रिम जमानत के लिए हाई कोर्ट में भी एक याचिका दायर की गई थी, जिस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं आया है. दिव्या मित्तल पर दो करोड़ रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप है. एसओजी में एडिशनल एसपी पद पर रहते हुए दिव्या मित्तल ने नशीली दवा कारोबारी को जांच में सहयोग करने के नाम पर 2 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी थी. बाद में 50 लाख में डील फाइनल हुई थी.
इसके बाद एसीबी ने दिव्या मित्तल को रंगेहाथों गिरफ्तार करने के लिए जाल बिछाया था, लेकिन एसीबी की कार्रवाई की भनक दिव्या मित्तल को पहले ही लग गई थी. एसीबी की जयपुर इकाई ने कोर्ट के आदेश पर दिव्या मित्तल के कई ठिकानों पर छापेमारी कर उन्हें अजमेर स्थित आवास से गिरफ्तार किया था.
कोर्ट ने सुना दिव्या मित्तल का पक्ष

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