
Afghanistan आतंकी संगठनों के लिए फिर से न बन पाए पनाहगाह: संयुक्त राष्ट्र
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संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा, मैं सभी पक्षों से विशेष रूप से तालिबान से आग्रह करता हूं कि वे जीवन की रक्षा के लिए अत्यधिक संयम बरतें, और यह सुनिश्चित करें कि मानवीय जरूरतों को पूरा किया जा सके.
न्यूयॉर्क: अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबान के कब्जे के बाद पैदा हुई भयावह स्थिति को लेकर भारत की अध्यक्षता में सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपात बैठक बुलाई गई. इस दौरान संयुक्त राष्ट्र (UN) महासचिव एंटोनियो गुटेरेस (Antonio Guterres) ने दुनिया के एकजुट होने का आवाहन किया, और कहा कि वह यह सुनिश्चित करे कि अफगानिस्तान आतंकी संगठनों के लिए एक बार फिर पनाहगाह न बनने पाए.' गुटेरेस ने कहा कि, 'युद्धग्रस्त देश के लोगों को अकेले नहीं छोड़ा जा सकता.' आपको बता दें कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सोमवार को भारत की अध्यक्षता में अफगानिस्तान के हालात पर आपात बैठक हुई जो इस मुद्दे पर एक हफ्ते में हुई सुरक्षा परिषद की दूसरी बैठक है. अगस्त महीने के लिए सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता भारत के पास है. तालिबान के रविवार को काबुल में प्रवेश के साथ ही पूरे अफगानिस्तान पर उसका कब्जा हो गया. राजधानी काबुल में घुसकर तालिबान ने राष्ट्रपति भवन पर कब्जा कर लिया और राष्ट्रपति अशरफ गनी को देशी-विदेशी नागरिकों के साथ देश छोड़कर जाना पड़ा.
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