
8 वीडियो में लखीमपुर हिंसा की पूरी पिक्चर, देखें खबरदार
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लखीमपुर में पहले एक अपराध हुआ, फिर अपराध से गुस्से की आग भड़की और फिर इसकी चपेट में जो भी आया, मारा गया, चाहे वो किसान हो, बीजेपी कार्यकर्ता हो, कोई साधारण कार ड्राइवर हो या फिर पत्रकार. सबको ज़िंदगी गंवानी पड़ी. इस हिंसा के बाद फोकस राजनीति के खिलाड़ियों के बजाए ज़िम्मेदारी तय करने पर होना चाहिए. इसलिए इस हिंसा की जवाबदेही तय करना और जो असल दोषी हैं उन्हें कानून के मुताबिक सज़ा देना बहुत ज़रूरी है और इसमें कानून की मदद कर सकते हैं घटना से जुड़े 8 वीडियो. जिनके एक एक फ्रेम में सत्य लिखा हुआ है. बस इस सत्य को देखने सुनने और समझने की ज़रूरत है. आज जिस वीडियो की सबसे ज़्यादा चर्चा हो रही है, वो एक SUV का है. जो कुछ लोगों को कुचलती हुई आगे बढ़ रही है. लेकिन सिर्फ ये एक वीडियो ही खबर की पूरी पिक्चर नहीं है. पूरे 8 वीडियो हैं जिनका एक एक फ्रेम चेक करना होगा. देखें खबरदार.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

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